पुल के आगे की जमीन और सपोर्टिंग वायर के प्लेटफार्म के नीचे हुआ कटाव
करीब 10 फीट हिस्सा गंगा नदी में बहा, पैदल आवाजाही पर फिलहाल नहीं रोक
बेबाक दुनिया ब्यूरो
देहरादून। टिहरी गढ़वाल जिले के मुनिकी रेती थाना क्षेत्र स्थित ऐतिहासिक रामझूला पुल के पास हुए भू-कटाव से बृहस्पतिवार को लोनिवि अफसरों के कहने पर पुलिस ने दोपहिया वाहनों की आवाजाही रोक दी है। फिलहाल पैदल आवाजाही पर किसी भी प्रकार की बंदिश नहीं है।
पिछले दिनों पहाड़ों पर हो रही लगातार भारी बारिश के चलते यहां पर गंगा नदी खतरे के निशान को पार कर गई थी। इसके साथ ही पुल की नींव के आगे की जमीन और स्पोर्टिंग वायर के प्लेटफार्म के नीचे कटाव होने से करीब 10 फीट से ज्यादा का हिस्सा गंगा की बाढ़ की चपेट में आकर बह गया था।
साथ ही बाकी हिस्से में भी दरारें आ गई हैं। बुधवार को गंगा नदी का पानी कम होने के बाद कटाव और दरार का पता चला। नरेंद्रनगर लोनिवि के अफसरों ने जानकारी के बाद दो इंजीनियरों को मौके पर भेजा। दोनों ने मौका मुआयना करने के बाद अपनी रिपोर्ट बड़े अफसरों को दी, इसके बाद पुल पर ब्रहस्पतिवार से दोपहिया वाहनों की आवाजाही को रोक दिया गया है।
लोनिवि नरेंद्रनगर के आलाधिकारियों का कहना है कि कटाव रोकने के लिए वायर kret लगाए जाने की योजना है। बताया, एहतियातन पुल पर दोपहिया वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है। बताया, मुनिकीरेती और लक्ष्मण झूला थाना पुलिस ने दोनों ओर पुलिस कर्मियों को तैनात कर दिया है।
बताया, 13 अगस्त को गंगा का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया था। पुल की नींव और सपोर्टिंग तार तक पानी पहुंच गया था। इसके बाद पुल के नीचे कटाव शुरू हो गया था। गंगा का जलस्तर कम होने के बाद पुल की नींव के सामने की ओर सपोर्टिंग तार की जगह नीचे कटाव दिखा था।
बताया, फिलहाल पुल सुरक्षित है। पुल की नींव से करीब पांच मीटर आगे भू धंसाव हुआ है। पुल को किसी भी प्रकार का खतरा नहीं है। पुल के टावर, सपोर्टिंग वायर सुरक्षित हैं। पैदल आवागमन के लिए पुल खुला है। बताया, कटाव रोकने के लिए वायर cret लगाया जाएगा। उधर, पुलिस का कहना है कि लोनिवि की मांग पर दोपहिया वाहनों की आवाजाही रोकी गई है।
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