February 2, 2026

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जब हाकिम ने नहीं सुनी तो खुद उठाई गैंती-फावड़ा

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श्रमदान कर सड़क बनाने में जुटीं ग्रामीण महिलाएं, पुरुष और युवा

बेबाक दुनिया ब्यूरो

देहरादून। शासन-प्रशासन से सड़क बनाने की गुहार कर थक हार चुके ग्रामीणों ने आखिरकार खुद ही श्रमदान कर सड़क के निर्माण की ठानी और हाथों में गैंती और फावड़ा उठाकर बुधवार को काम भी शुरू कर सरकारी मशीनरी को आइना दिखाने का काम कर दिया है।

गढ़वाल मंडल के उत्तरकाशी जनपद के केलशू घाटी के सेकू गांव की महिलाएं, पुरुष समेत युवा और बुजुर्ग हाथों में गैंती, फावड़ा लेकर संगमचट्टी के समीप पहुंचे और करीब चार किमी सड़क के निर्माण न होने के चलते खुद ही श्रमदान कर निर्माण के लिए कदम बढ़ा दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि शासन-प्रशासन की अनदेखी के कारण मजबूर होकर उन्हें यह कदम उठाना पड़ रहा है।

गौरतलब हो कि सेकू गांव के लिए वर्ष 2017 में चार किमी सड़क के निर्माण के लिए शासन की ओर से मंजूरी मिली थी। इसके लिए लोक निर्माण विभाग ने सर्वे भी किया, लेकिन उसके बाद इस पर काम शुरू नहीं हो पाया। इसके लिए शासन-प्रशासन से कई बार सड़क निर्माण शुरू करने के लिए गुहार लगाने बाद भी ज़ब कोई कार्यवाही नहीं हुई, तो ग्रामीणों ने 19 अप्रैल को लोकसभा चुनाव के दौरान मतदान का विरोध किया था।

इसके बाद भी प्रशासन ने समस्या का संज्ञान नहीं लिया, तो ग्रामीणों ने सरकार की शुद्धि-बुद्धि के लिए हवन भी किया, लेकिन फिर भी कोई कार्रवाई होते न देख बुधवार को सेकू गांव के ग्रामीणों ने स्वयं ही सड़क निर्माण शुरू कर दिया। ग्रामीणों का कहना है की सड़क न होने से उन्हें आदम युग में जीने को मजबूर होना पड़ रहा है। सड़क न होने से शिक्षा स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। कहा, अब भी सड़क निर्माण शुरू नहीं होता, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।

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