February 2, 2026

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स्वामी रामतीर्थ संघर्ष के बाद गणित के प्रोफेसर बने : हरिवंश

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बेबाक दुनिया ब्यूरो

देहरादून। स्वामी रामतीर्थ जीवन में कड़े संघर्ष के बाद गणित के प्रोफेसर बने और बाद में संन्यास लेकर टिहरी को अपनी कर्मभूमि और मोक्षभूमि बनाया।

उपरोक्त बात मंगलवार को टिहरी जिले के एसआरटी परिसर बादशाहीथौल पहुंचे राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह ने कहीं। उपसभापति पत्रकार विनोद चमोली की गणितज्ञ संत स्वामी रामतीर्थ के जीवन पर आधारित पुस्तक का विमोचन करने पहुंचे थे। कहा, परमहंस स्वामी रामतीर्थ ने विश्वभर में वेदांत के माध्यम से प्रेम और शांति का प्रचार-प्रसार किया था।

कहा, स्वामी रामतीर्थ जीवन में कड़े संघर्ष के बाद गणित के प्रोफेसर बने और बाद में संन्यास लेकर टिहरी को कर्मभूमि और मोक्षभूमि बनाया। स्वामी के व्याख्यानों से दुनियाभर के सभी धर्मों के लोग प्रभावित हुए थे। यही कारण है कि सभी धर्मों के लोगों की उन पर समान प्रीति थी। कहा, मिस्र में उन्होंने मस्जिद में फारसी में वेदांत पर व्याख्यान देकर एकता का पाठ पढाकर अलग पहचान बनाई।

ये रहे मौजूद

श्रीदेव सुमन विवि के कुलपति प्रोफेसर एनके जोशी, विधायक किशोर उपाध्याय, एसआरटी परिसर के निदेशक डॉ. ए बौड़ाई, सीए राजेश्वर पैन्यूली आदि।

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