राजधानी समेत पूरे गढ़वाल मंडल में बुधवार शाम को झमाझम बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त
रात साढ़े आठ बजे लगातार झमाझम बारिश के चलते मलबा और बोल्डर आने से मसूरी-देहरादून मार्ग बंद
बेबाक दुनिया ब्यूरो
देहरादून। बुधवार शाम को पूरे गढ़वाल मंडल का मौसम मौसम विभाग की पूर्व चेतावनी के हिसाब से ही चला। शाम से शुरू हुई झमाझम बारिश के चलते जहां हरिद्वार में खड़खड़ी सूखी नदी रपटे पर खड़ा कांवड़ियों को एक ट्रक बहकर गंगा नदी में पहुंच गया, वहीं गंगोत्री में गंगा का जलस्तर बढ़ने लगा, जिससे तीर्थ पुरोहितों और अन्य लोग सकते में आ गए।










उधर, राजधानी देहरादून में भी शाम पांच बजे से शुरू रिमझिम बारिश साढ़े छह बजे के बाद झमाझम में तब्दील हो गई, जो देर रात तक गरज चमक के साथ बदस्तूर जारी थी। वहीं, रात साढ़े आठ बजे के आसपास लगातार डेढ़ घंटे से ज्यादा समय से चल रही झमाझम बारिश के चलते मसूरी-दून मार्ग पर पहाड़ी से भारी मलबा और बोल्डर गिरने से बंद हो गया, जिससे सकड़ों चार और दोपहिया वाहन सवार फंस गए।
सूचना पर मौके पर पहुंची जेसीबी के मार्फत संबंधित विभाग के कर्मचारी रास्ता खोलने की कोशिश कर रहे थे। उधर, मंगलवार को मौसम विभाग ने पूरे प्रदेश के कुछ जिलों में भारी से भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया था, जिसके चलते संबंधित जिलों के प्रशासन ने स्कूल कालेज में बुधवार का अवकाश पहले हो घोषित कर दिया था।
बुधवार को दोपहर बाद से राजधानी समेत पूरे गढ़वाल मंडल के जिलों में मौसम विभाग के रेड अलर्ट की चेतावनी का असर दिखना शुरू हो गया था। शाम पांच बजे के बाद से आसमान में छाए काले घने बादलों के बाद छह बजे के जो झमाझम बारिश का दौर शुरू हुआ, वो देर रात तक बदस्तूर जारी था।
इसके चलते जहां राजधानी की सड़कें तालाब में तब्दील हो गई, वहीं गली मोहल्ले में पानी भरने से लोगों को समस्याओं का भी सामना करना पड़ा।
गंगोत्री में गंगा का जलस्तर फिर बढ़ा
गढ़वाल मंडल के उत्तरकाशी जिले में स्थित गंगोत्री धाम में बुधवार शाम को एक बार फिर गंगा का जलस्तर बढ़ गया। गंगा का जलस्तर बढ़ता देखकर तीर्थ पुरोहितों और व्यापारी जहां चिंतित हो गए हैं, वहीं पुलिस प्रशासन ने गंगा का जलस्तर बढ़ते ही नदी के किनारे से यात्रियों को हटाना भी शुरू कर दिया है। नदी के तेज बहाव में बड़े पेड़ भी बहते दिखे। तीन दिन पूर्व भी नदी का जलस्तर बढ़ गया था और एक कुटिया भी बह गई थी। इतना ही नहीं स्नान घाट भी पानी से डूब गए थे। इसके बाद मंगलवार को नदी का जलस्तर कम हो गया था, पर बुधवार शाम को एक बार फिर जलस्तर बढ़ गया और नदी बहुत ही रौद्र रूप में बह रही है। अगर ऐसी स्थित बनी रही तो आगे खतरा बढ़ सकता है।






कांवड़ियों का ट्रक खड़खड़ी सूखी नदी से बहकर गंगा में पहुंचा
बुधवार शाम को हरिद्वार में भी झमाझम बारिश के चलते जहां सड़कें तालाब बन गईं, वहीं कई दिनों से जारी तेज धूप और उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत भी मिली। झमाझम बारिश के बीच ही जयकारा लगाते हुए कांवड़िये अपने गंतव्य की ओर रवाना हो रहे हैं। झमाझम बारिश के चलते खड़खड़ी सूखी नदी रपटे में भी तेज पानी बहने लगा, जिससे यहां पर खड़ा कांवड़ियों का एक खाली ट्रक पानी के तेज बहाव में बेहकर गंगा में पहुंच गया। जिस वक्त ट्रक रपटे के तेज बहाव में आकर बहा, उस समय ट्रक पर कोई नहीं था। पुलिस का कहना है कि बारिश रुकने के बाद ट्रक को निकलवाने की कोशिश की जाएगी। इसके लिए क्रेन का इंतजाम किया जा रहा है।
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