बेबाक दुनिया ब्यूरो
देहरादून। अल्मोड़ा जेल में उम्रकैद की सजा भुगत रहा छोटा राजन का दाहिना हाथ कुख्यात गैंगस्टर अंडरवर्ल्ड डॉन प्रकाश पांडे उर्फ पीपी को जेल में ही संतों द्वारा श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़ा का संत बनाकर गुरु दीक्षा देने का मामला तूल पकड़ गया है।
अखबारों में खबर छपने और सोशल मीडिया के जरिये खबर सामने आने पर जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक श्रीमहंत हरिगिरी महाराज ने शुक्रवार को हरिद्वार में पत्रकारों से वार्ता कर मामले की जांच कराने की बात कही है। कहा, किसने संत बनाया और कौन इसमें शामिल था, इसको लेकर सात सदस्यीय जांच कमेटी का गठन कर दिया गया है।
अल्मोड़ा के रानीखेत स्थित खनौइया गांव निवासी प्रकाश पांडे उर्फ पीपी छोटा राजन का दाहिनी हाथ हुआ करता था। इन दिनों वह अल्मोड़ा जेल में उम्रकैद की सजा काट रहा है। पिछले साल अगस्त में पौड़ी जेल से पीपी को हरिद्वार जिला कारागार में शिफ्ट किया गया था, मगर कुछ माह पहले उसे अल्मोड़ा जेल में स्थानांतरित कर दिया गया था।
अभी पांच सितंबर को पीपी पांडेय को अल्मोड़ा जेल में गुरु दीक्षा देते हुए श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़ा का संत बनाने की बात सामने आई है। साथ ही उसे कई मंदिरों का मुख्य मठाधीश भी बनाने का दावा किया गया है। जेल में बंद गैंगस्टर को जूना अखाड़ा का संत बनाने की बात पता चलने पर अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक श्रीमहंत हरिगिरी महाराज ने शुक्रवार को अपनी प्रतिक्रिया दी है।
श्रीमहंत हरिगिरी ने कहा, ये पूरी तरह से गलत है। इस मामले को लेकर सात सदस्यीय कमेटी बनाई गई है। कहा, लालच में अगर किसी ने ऐसा काम किया है तो इस पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। सत्या क्या इसका पता लगाने के लिए ही फिलहाल कमेटी का गठन किया गया है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके बाद आगे का निर्णय लिया जाएगा। अगर अखाड़े के ही महात्माओं ने ये किया है तो उन्हें भी बाहर रास्ता दिखाया जाएगा।
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