बाबा केदार, बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में दो दिन से हो रही बर्फबारी
गढ़वाल के ऊंचाई वाले इलाकों में भी बर्फ की चादर बिछी, चकराता में भी जमकर बर्फबारी
देहरादून/उत्तरकाशी/चमोली/रुद्रप्रयाग। शनिवार से जारी बारिश और बर्फबारी का सिलसिला रविवार को भी जारी रहा। इस दौरान जहां रविवार को भी राजधानी समेत गढ़वाल मंडल के जिलों में बारिश का दौर चला, वहीं बर्फबारी भी लगातार बदस्तूर जारी रही।










चारों धामों केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री समेत अन्य ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जमकर बर्फबारी हुई। औली में भी दूसरे दिन भी बर्फबारी जारी रही। उधर, कर्णप्रयाग क्षेत्र की ऊंची पहाड़ियों में हिमपात होने से घाटी वाले इलाकों में ठंड और बढ़ गई। गौचर, कर्णप्रयाग, थराली, आदिबदरी, नारायणबगड़, देवाल, वेदनी, रूपकुंड, बगची, ब्रह्माताल, भेंकलताल और गैरसैण के दूधातोली में भी जमकर हिमपात हुआ।
गंगोत्री हाईवे सुक्की टॉप से आगे बर्फबारी के चलते मार्ग बंद हो गया। उधर, मोरी क्षेत्र के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हुई। वहीं, चमोली जनपद के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जमकर बर्फबारी हुई, जबकि निचले क्षेत्रों में बारिश से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया। इधर, बदरीनाथ हाईवे पागलनाला में करीब एक घंटे तक बाधित रहा। हाईवे पर आया मलबा दलदल में तब्दील हो गया है, जिससे वाहनों की आवाजाही में दिक्कतें आ रही हैं।









चकराता में सीजन की चौथी बर्फबारी
जौनसार बावर के चकराता के लोखंडी समेत अन्य ऊंचाई वाले क्षेत्रों में शनिवार रात और रविवार को बर्फबारी के बाद जमीन पर छह इंच मोटी बर्फ की चादर जम गई है। चकराता में यह सीजन की चौथी बर्फबारी है।
बर्फबारी से बदरीनाथ धाम में बिजली आपूर्ति ठप
तीन दिन से रुक-रुककर हो रही बर्फबारी से बदरीनाथ धाम और देश के सीमांत गांव माणा की विद्युत लाइन क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे बदरीनाथ धाम और माणा गांव में बिजली आपूर्ति ठप हो गई है। धाम की सुरक्षा में तैनात आईटीबीपी के जवानों व मंदिर समिति के कर्मचारियों को अंधेरे में ही रात बितानी पड़ रही है।
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