शुक्रवार को जूना अखाड़ा के संतों और आचार्यों ने पायलट बाबा की शिष्या को मुखिया घोषित किया
बेबाक दुनिया ब्यूरो
देहरादून। श्री पंचदशनाम जूना अखाड़े के वरिष्ठ महामंडलेश्वर ब्रह्मलीन स्वामी पायलट बाबा के उत्तराधिकारी की घोषणा संत महात्माओं की शुक्रवार को हुई बैठक के बाद कर दी गई।




जूना अखाड़े के संरक्षक श्रीमहंत हरि गिरि महाराज ने अखाड़े के वरिष्ठ संतों के साथ पंच परमेश्वर की भूमिका निभाई। उन्होंने जापान की रहने वालीं और पायलट बाबा की शिष्या केको आईकोवा को उत्तराधिकारी घोषित किया। केको के पायलट बाबा की उत्तराधिकारी घोषित होने के बाद जहां बाबा के साम्राज्य के वारिस को लेकर तीन दिन से चल रहीं सभी चर्चाओं पर फिलहाल विराम लग गया, वहीं बाबा की विरासत पर कब्जे आदि के कयासों पर भी विराम लग गया।
पायलट बाबा के उत्तराधिकार को लेकर तीन दिन से हवा में तैर रहीं सभी चर्चाओं को विराम लगाते हुए अखाड़े ने अहम भूमिका निभाई और उत्तराधिकार को लेकर पैदा होने वाले विवाद को रोक दिया। साधु संतों ने व्यापक विचार विमर्श के बाद केको के अलावा पायलट बाबा की दो परम शिष्य को महामंत्री, आश्रम ट्रस्ट का अध्यक्ष घोषित किया। गौरतलब हो कि पायलट बाबा को बृहस्पतिवार को हजारों साधु-संतों और भक्तों ने महासमाधि दी थी।
महासमाधि श्रीमहंत हरि गिरि महाराज के संरक्षण और देखरेख में पायलट बाबा की शिष्या महामंडलेश्वर साध्वी चेतनानंद गिरी महाराज और साध्वी श्रद्धा गिरी महाराज ने दी। इसके बाद शंभू रोट, धूल लौट व तिये का कार्यक्रम हुआ था। श्री पंचदश नाम जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर महायोगी पायलट बाबा को उनकी अंतिम इच्छा के अनुसार हरिद्वार में महासमाधि दी गई थी।
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