February 2, 2026

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टिहरी लेक पर लोगों के सुझाव लिए जाएं : मुख्य सचिव

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कहा, पर्यटन विकास के प्रोजेक्ट में स्थानीय लोगों की ऑनरशिप एवं भागीदारी सुनिश्चित होनी चाहिए

बोलीं, स्थानीय लोगों को कितना लाभ मिला, इस आधार पर हो सभी टूरिज्म प्रोजेक्ट का मूल्यांकन

बेबाक दुनिया ब्यूरो

देहरादून। मुख्य सचिव ने सोमवार को टिहरी झील और इसके कैचमेंट एरिया के पूरे विकास के लिए एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) की गाइड लाइन के अनुसार तैयार डीपीआर पर कार्य करने के साथ ही ऐसे प्रोजेक्ट में स्थानीय ग्रामीणों की भागीदारी सुनिश्चित करते हुए सुझाव लेने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी सचिवालय में टिहरी झील विकास परियोजना पर सतत्, समावेशी और जलवायु अनुकूल पर्यटन विकास से संबंधित द्वितीय उच्चाधिकार प्राप्त समिति (एचपीसी) की बैठक के दौरान निर्देश दिए कि राज्य में संचालित पर्यटन विकास से संबंधित सभी प्रोजेक्ट में स्थानीय लोगों की ऑनरशिप एवं भागीदारी सुनिश्चित होनी चाहिए। उन्होंने सभी प्रोजेक्ट में हितधारकों एवं स्थानीय लोगों के साथ विचार विमर्श करने और सुझाव लेने की संस्कृति अपनाई जाए।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि पर्यटन विकास के सभी प्रोजेक्ट में पर्यावरणीय हितों का ध्यान रखा जाए। विशेषरूप से पर्वतीय क्षेत्रों में पर्यटन विकास की गतिविधियों में सोलिड वेस्ट मैनेजमेंट को शीर्ष प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने चारधाम यात्रा मार्ग पर भी ठोस अवशिष्ट प्रबंधन के लिए पुख्ता व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित होम स्टे हेतु भी कूड़ा प्रबंधन की व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए।

टूरिज्म एवं इकोलॉजी में संतुलन रखने की नीति का पालन करते हुए सभी टूरिज्म प्रोजेक्ट पर कार्य करने के भी निर्देश दिए। कहा, राज्य में पर्यटन के विकास से संबंधित सभी प्रोजेक्ट का इस आधार पर मूल्यांकन किया जाए कि इससे कितने स्थानीय लोगों को रोजगार, विकास एवं कल्याण से संबंधित लाभ पहुंचा है।

‘टिहरी को ब्रांड पर्यटन के रूप में विकसित करें’

कहा, टिहरी को एक ब्रांड पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। सीएस ने निर्देश दिए कि प्रोजेक्ट के तहत टिहरी शहर के ऐतिहासिक महत्व को पुनः स्थापित करने, पर्यटन की बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने, क्षेत्र में सत्त एवं रिस्पॉन्सिबल टूरिज्म को प्रोत्साहित करने, पलायन रोकने, स्थानीय लोगों की आजीविका के अवसर बढ़ाने और क्षेत्र में आने वाले पर्यटकों को कम से कम तीन दिन तक यहां रहने के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए।

इनको होगा लाभ, ये होंगे कार्य

1294 करोड़ रुपये की लागत की एडीबी सहायता प्राप्त टिहरी लेक प्रोजेक्ट के तहत 52 वर्ग किमी क्षेत्र के लगभग 103 गांवों की लगभग 96,875 आबादी को लाभ पहुंचेगा। प्रोजेक्ट के तहत डोबरा चांटी, तिवार गांव, कोटी कॉलोनी, न्यू टिहरी, मदन नेगी तथा झील क्लस्टर में कई पर्यटन सुविधाओं का विकास किया जाएगा।

ये रहे मौजूद

सचिव आर मीनाक्षी सुन्दरम, सचिन कुर्वे, दिलीप जावलकर, पंकज कुमार पांडेय आदि।

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