बेबाक दुनिया ब्यूरो
लखनऊ। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के पिछले दिनों दिए गए बयान पर बसपा सुप्रीमो मायावती ने पलटवार करते हुए कहा, तंज कसने से पहले अपने गिरेबां में भी झांंककर देख लेना चाहिए कि उनका दामन कितना दाग़दार है।
बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने सोशल मीडिया पर एक्स पर पोस्ट पर लिखा, अपनी और अपनी सरकार की ख़ासकर दलित-विरोधी रही आदतों, नीतियों एवं कार्यशैली आदि से मजबूर सपा प्रमुख द्वारा बीएसपी पर अनर्गल तंज़ कसने से पहले उन्हें अपने गिरेबां में भी झांंककर जरूर देख लेना चाहिए कि उनका दामन भाजपा को बढ़ाने और उनसे मेलजोल के मामले में कितना दाग़दार है।
लिखा, तत्कालीन सपा प्रमुख द्वारा भाजपा को संसदीय चुनाव जीतने से पहले और उसके बाद आशीर्वाद देने को कौन भुला सकता है। और फिर भाजपा सरकार बनने पर उनके नेतृत्व से सपा नेतृत्व का मिलना-जुलना जनता कैसे भूल सकती है। लिखा, ऐसे में सपा सांप्रदायिक ताकतों से लडे़ तो यह उचित होगा।
गौरतलब हो कि, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने छह जनवरी को बलिया में एक कार्यक्रम में बसपा सुप्रीमो मायावती को गठबंधन में शामिल करने के सवाल पर कहा था कि चुनाव के बाद की उनकी गारंटी कौन लेगा। उनका इशारा उनके पाला बदलने को लेकर था।
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