February 2, 2026

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मेडिकल कॉलेजों में सुपर स्पेशियलिस्ट संविदा चिकित्सकों का बढ़ा वेतन

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पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों में नई मानदेय सीमा के निर्धारित होने का शासनादेश जारी

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत बोले, सुपर स्पेशियलिस्ट फैकल्टी की कमी होगी दूर

बेबाक दुनिया ब्यूरो

देहरादून। प्रदेश की पुष्कर सिंह धामी सरकार ने प्रदेश के राजकीय मेडिकल कॉलेजों में संविदा के माध्यम से तैनात सुपर स्पेशियलिस्ट चिकित्सकों के वेतन में वृद्धि की मंजूरी दे दी है।

नए वेतनमान के निर्धारण से राजकीय मेडिकल कॉलेजों में अब सुपर स्पेशियलिटी एवं रेडियोलॉजी विभागों में फैकल्टी की कमी नहीं रहेगी। सरकार ने मैदानी एवं पर्वतीय क्षेत्रों के लिये सुपर स्पेशियलिस्ट एवं रेडियोलॉजिस्ट के वेतनमान का पुनर्निर्धारण किया है।

चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया, राज्य सरकार ने चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत राजकीय मेडिकल कॉलेजों में संविदा पर तैनात सुपर स्पेशियलिटी एवं रेडियोलॉजी विभागों की फैकल्टी के वेतनमान का पुनर्निर्धारण कर बढ़ोतरी की है, जिससे पर्वतीय क्षेत्रों के मेडिकल कॉलेजों में आ रही फैकल्टी की कमी को दूर किया जा सकेगा।

विभागीय मंत्री ने बताया, पुनर्निर्धारित वेतनमान के तहत कार्डियोलाजी, नेफ्रोलाजी, न्यूरोसर्जरी, प्लास्टिक सर्जरी, यूरोलॉजी एवं रेडियोलॉजी विभाग में तैनात सुपर स्पेशियलिस्ट चिकित्सकों को बढ़ा वेतनमान दिया जाएगा।

इतना मिलेगा वेतन

मैदानी क्षेत्र : मेडिकल कॉलेजों में तैनात प्रोफेसर को अधिकतम चार लाख रुपये, एसोसिएसट प्रोफेसर को तीन लाख 20 हजार, असिस्टेंट प्रोफेसर को दो लाख 20 हजार व सीनियर रेजीडेंट को एक लाख 50 हजार रुपये का मानदेय।

पर्वतीय क्षेत्र : प्रोफेसर को पांच लाख रुपये, एसोसिएट प्रोफेसर को चार लाख, असिस्टेंट प्रोफेसर को तीन लाख और सीनियर रेजीडेंट को दो लाख रुपये तक का अधिकतम मानदेय दिया जाएगा।

वार्षिक वेतन वृद्धि भी होगी

बताया, संविदा के आधार पर तैनात फैकल्टी के कार्य प्रदर्शन के मूल्यांकन के आधार पर मानदेय में प्रतिवर्ष वृद्धि का भी प्रावधान रखा गया है। इसके तहत असिस्टेंट प्रोफेसर एवं सीनियर रेजिडेंट के मानदेय में उत्तम कार्य प्रदर्शन के आधार पर 10 प्रतिशत तथा एसोसिएट एवं प्रोफसर के मानदेय में सात प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि की जाएगी। इसके अलावा संविदा पर तैनात फैकल्टी को आयुष्मान भारत, अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना तथा राज्य सरकार के स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत राजकीय चिकित्सालयों द्वारा अर्जित क्लेम की धनराशि में से भी प्रावधान के अुनसार प्रोत्साहन राशि का भी भुगतान किया जाएगा। किसी भी संविदा फैकल्टी के सदस्यों को नौकरी छोड़ने अथवा इस्तीफा देने से तीन माह पूर्व कॉलेज प्रशासन को नोटिस देना होगा।

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