आर्यम इंटरनेशनल फाउंडेशन के आर्यम अनुष्ठान में उमड़े सैकड़ों श्रद्धालु
धर्मों और संप्रदायों में सनातनी वैदिक हिंदुत्व मूल्य प्रासंगिक : आर्यम
बेबाक दुनिया ब्यूरो
देहरादून। ‘आज प्रचलित सभी धर्मों और संप्रदायों में सनातनी वैदिक हिंदुत्व मूल्य ही सर्वाधिक प्रासंगिक और वैज्ञानिक महत्त्व रखते हैं।’


उपरोक्त विचार मॉरीशस के कतरबोर्न पालमा में शनिवार को शिवरात्रि के मौके पर सैकड़ों भक्तों को संबोधित करते हुए आर्यम इंटरनेशनल फाउंडेशन के संस्थापक अध्यक्ष और आध्यात्मिक गुरु प्रोफेसर पुष्पेंद्र कुमार आर्यम महाराज ने कहे। भगवान शंकर आश्रम मसूरी ने मॉरीशस में शिवरात्रि पर विशेष अनुष्ठान का आयोजन किया था, जिसमें मॉरीशस में निवास करने वाले भारतवंशी उमड़ पड़े।
इस दौरान सनातन और वैदिक कड़ियों को पिरोते हुए भारत के आध्यात्मिक गुरुदेव आर्यम के सानिध्य में सभी अनुष्ठान संपन्न हुए। देवभूमि उत्तराखंड के मसूरी स्थित आर्यम मुख्यालय से गुरुदेव के साथ पधारी ट्रस्ट की अधिशासी प्रवक्ता मां यामिनीश्री ने बताया, भारतीयों के आराध्य भगवान शिव के प्रति समूचे विश्व में आस्था और लगाव निरंतर बढ़ रहा है। ट्रस्ट के संस्थापक अध्यक्ष प्रोफेसर पुष्पेंद्र कुमार आर्यम महाराज शिवरात्रि पर आयोजित अनुष्ठान में स्वयं पधारे।
बताया, देवों के देव महादेव के निमित्त समस्त सत्रों के अनुष्ठान के प्रमुख गुरुदेव आर्यम रहे। यामिनी श्री के मुताबिक, आर्यम ने विदेशों में रह रहे सभी भारतीय हिंदुओं को अपने धर्म की विशेषता पर गर्व करने का आह्वान किया। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि सफल और सुखी आनंदित शांति प्रिय जीवन के लिए अपने प्राचीनतम संस्कारों को अपनी जीवनचर्या का अभिन्न अंग बनाएं। बताया, गुरुदेव ने पर्यावरण संतुलन और मनुष्यों के अपने आत्मबल के संवर्धन पर जोर दिया।
ज्ञात हो कि आर्यम महाराज ने अपने पहले आश्रम की स्थापना मॉरीशस में वर्ष 2012 में की थी। तब वे मॉरीशस सरकार के लिए संचार निदेशक के रूप में तीन साल के लिए नियुक्त हुए थे। पहले आश्रम का कामकाज श्रीएथनिक इंडिया ट्रस्ट चलाता था, जिसका वर्ष 2023 में आर्यम इंटरनेशनल फाउंडेशन में विलय कर दिया गया। अब सभी गतिविधियों का मुख्य केंद्र मसूरी उत्तराखंड ही है। बताया, शनिवार के आयोजन में मॉरीशस के अलावा कई देशों के शिष्यों ने भी भाग लिया।
ये रहे मौजूद
हर्षिता आर्यम, नवीन ओमा आर्यम, गिरिजा देवी कोजी, शांता कोजी, किरण नारायण, नितिन, सवीना, निखिल, उमेश महादू, कविराज, प्रकाश गंगा, विनय बसगित, नंद किशोर नारायण, एकलव्य नारायण, डियोना आदि।
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