आईटीबीपी अकादमी में पासिंग आउट परेड में 52 चिकित्साधिकारी और एक उपसेनानी मुख्यधारा में शामिल
बेबाक दुनिया ब्यूरो
देहरादून। भारत तिब्बत सीमा पुलिस अकादमी मसूरी में 25 सप्ताह के कठिन प्रशिक्षण के बाद 52 चिकित्साधिकारी और एक उप सेनानी/जैग अधिकारी समेत 53 अधिकारी शुक्रवार को पासआउट होने के बाद आयोजित दीक्षांत समारोह में बल की मुख्य धारा में शामिल हुए।
पासिंग आउट परेड के मुख्य अतिथि भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल के महानिदेशक राहुल रसगोत्रा ने पास आउट होने वाले सभी अफसरों को बल की मुख्य धारा में शामिल होने पर बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की। 1989 बैच के मणिपुर कैडर के आईपीएस अधिकारी रसगोत्रा ने कहा, आईटीबीपी 19 हजार फीट तक की ऊंचाई पर स्थित अग्रिम चौकियों में माइनस 45 डिग्री तापमान में भी मुश्किल हालातों में मुस्तैदी से काम करने वाला अनुशासित और अति प्रशिक्षित बल है, जो देश के अलावा विदेशों में भी महत्वपूर्ण संस्थानों को सुरक्षा प्रदान कर रहा है।




कहा, बल आंतरिक सुरक्षा हो या देश की सीमा की सुरक्षा हो, वीआईपी सुरक्षा, प्रतिष्ठित संस्थान, आपदा प्रबंधन या फिर कोई अन्य कार्य, देश को जरूरत पड़ने पर अग्रणी रहते हुए कार्य का निवर्हन करता है। विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक, सराहनीय सेवा के लिए पुलिस पदक और असाधारण आसूचना कुशलता पदक से अलंकृत राहुल रसगोत्रा ने न नियुक्त अफसरों का आह्वान करते हुए कहा, भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल का इतिहास बहुत गौरवशाली रहा है।
कहा, बल को आप लोगों से अपेक्षाएं है, इसलिए बल की परंपराओं को आगे बढ़ाते हुए बल का नाम रोशन करना है। कहा, मुझे उम्मीद है कि प्रशिक्षण काल में प्राप्त प्रशिक्षण से आप हर चुनौतियों का सामना कर सकेंगे। कहा, युवा अधिकारी के नाते बल की पुरानी परंपराओं के निर्वहन के साथ-साथ बल में नए विचारों का भी समावेश करें, क्योंकि बल में बहुत सारे अवसर आपका इंतजार कर रहे हैं।
उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान उत्कृष्ठ प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षणार्थियों को विशेष बधाई देते हुए विजेता ट्राफियों से सम्मानित भी किया। इस मौके पर मुख्य अतिथि ने ई-अमोघ पत्रिका का विमोचन किया। इस पुस्तक में उपरोक्त कोर्सों के अब तक के सफर का संकलन है। शुक्रवार को अकादमी से पासआउट अफसरों को कठोर एवं लंबे प्रशिक्षण के दौरान युद्ध कौशल, शस्त्र चालन, शारीरिक प्रशिक्षण, आसूचना, मानचित्र अध्ययन, सैन्य प्रशासन, कानून व मानव अधिकार जैसे सैन्य व पुलिस संबंधी प्रशिक्षण दिया गया।
इस मौके पर अकादमी के निदेशक और आईजी पीएस डंगवाल ने मुख्य अतिथि एवं समारोह में मौजूद जनप्रतिनिधियों, बल के पूर्व एवं सेवारत अफसरों, स्थानीय प्रशासन के अफसरों आदि का स्वागत एवं अभिनंदन किया। अंत में डीआईजी और उप-निदेशक अकादमी (प्रशिक्षण) राजेश शर्मा ने मुख्य अतिथि एवं समारोह में उपस्थित समस्त अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए नए अफसरों को दिए गए सघन प्रशिक्षण और प्रशिक्षण के प्रति अकादमी की प्रतिबद्धता को बताया।
ये हैं श्रेष्ठ प्रशिक्षणार्थी
ओवर आल बेस्ट
एसी/एमओ ताविशी कोयार
बेस्ट इन इनडोर
एसी/एमओ धर्मेंद्र सिंह गोबाड़ी
संविधान एवं बल के प्रति निष्ठा एवं समर्पण की ली शपथ ली
प्रशिक्षण के बाद आयोजित भव्य दीक्षांत एवं शपथ ग्रहण समारोह में युवा अफसरों ने संविधान एवं बल के प्रति निष्ठा एवं समर्पण की शपथ ली। इससे पूर्व मुख्य अतिथि एवं बल के वरिष्ठ अफसरों ने इन युवा अफसरों के कंधों पर सितारे सजा उत्साह वर्धन किया और उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी। अंत में भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल के हिमवीरों द्वारा प्रदर्शित कई प्रदर्शनों एवं बैंड डिस्प्ले के साथ संपन्न हुआ।
इन प्रदेशों के हैं पासआउट होने वाले अफसर
केरल एवं राजस्थान से आठ-आठ तमिलनाडु-पांच, उत्तरप्रदेश-चार, आन्ध्रप्रदेश, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, मणिपुर से तीन-तीन, हिमाचल प्रदेश, गुजरात, तेलंगाना, पुदुचेरी से दो-दो, बिहार, असम, कर्नाटक, मध्यप्रदेश एवं उत्तराखंड से एक-एक।
ये रहे मौजूद
अकादमी के उप निदेशक (प्रशासन) और डीआईजी अजय पाल सिंह, सेनानी (प्रशासन) शोभन सिंह राणा, सेनानी (प्रशिक्षण) जीजू एस।
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