संघ के 36 अनुषांगिक संगठनों के 250 से ज्यादा पदाधिकारी ले रहे हिस्सा
पर्यावरण पूरक जीवनशैली, जीवन मूल्य आधारित परिवार व्यवस्था, समरसता का आग्रह आदि पर होगी चर्चा
बेबाक दुनिया डेस्क
नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय समन्वय बैठक बृहस्पतिवार से पुणे में शुरू हुई। बैठक तीन दिन 14, 15 और 16 सितंबर तक चलेगी, जिसमें 36 संगठनों के 266 प्रमुख पदाधिकारी भाग ले हो रहे हैं।

बैठक का शुभारंभ संघ प्रमुख सरसंघ चालक डॉ. मोहन भागवत ने किया। संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने बताया, बैठक में पांच बिंदु पर्यावरण पूरक जीवनशैली, जीवन मूल्य आधारित परिवार व्यवस्था, समरसता का आग्रह, स्वदेशी का आचरण और नागरिक कर्तव्यों का वहन पर चर्चा की जाएगी।
कहा, संघ के स्वयंसेवक शाखा कार्य के माध्यम से लगातार राष्ट्र की सेवा में लगे हुए हैं। शाखा के काम करने के साथ सामाजिक जीवन के कई क्षेत्र में जाकर अलग-अलग प्रकार के कार्य भी करते हैं। बताया, सारे कार्य सेवा और राष्ट्र निर्माण के कार्य के लिए हैं।
बताया, बैठक में शामिल होने वाले सभी संगठन संघ से प्रेरित हैं। सामाजिक जीवन के सभी क्षेत्रों में स्वायत्त रूप से काम करते हैं। संगठनों की वर्ष में एक बार बैठक होती है, जिसमें अपने कार्यों व अनुभवों को साझा करते हैं और इस अवसर पर एक दूसरे से सीखने और समझने का अवसर मिलता है।
बताया, बैठक में इस प्रकार के सामूहिक कार्यों पर भी चर्चा होती है। बैठक का उद्देश्य होता है कि समाज के सामने जो चुनौतियां आती हैं, उनका संकलन कर एक दिशा तय करना और राष्ट्रीय भावना से कार्य करना, जिससे कार्य करने की गति बढ़ सके। बताया, सारे संगठन कई वर्षों से सामाजिक जीवन में सक्रिय हैं और अपने परिश्रम से अपने-अपने क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण स्थान बनाया है।
बताया, इसमें अपने-अपने क्षेत्र के उनके जो अनुभव हैं, वह साझा करेंगे। राष्ट्रीय स्थिति और वर्तमान परिदृश्य के संदर्भ में भी वह अनुभव यहां बताएंगे। उससे जुड़े हुए कई विषयों पर यहां मूलभूत चिंतन भी होगा और संगठन की आगामी क्या दिशा है, अपने-अपने क्षेत्र में उन्होंने क्या सोचा है, इसके बारे में भी योजनाओं को साझा करेंगे।
कहा, बैठक में सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत, सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले, सभी सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्णगोपाल, डॉ. मनमोहन वैद्य, अरुण कुमार, मुकुंदा और रामदत्त चक्रधर समेत प्रमुख पदाधिकारी शामिल होंगे। बैठक में विद्या भारती, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, सक्षम, वनवासी कल्याण आश्रम, सेवा भारती, विश्व हिंदू परिषद, राष्ट्र सेविका समिति, भारतीय जनता पार्टी, भारतीय मजदूर संघ, भारतीय किसान संघ आदि सहभागी होंगे।
बताया, सामाजिक परिवर्तन के जो प्रयास चल रहे हैं, उसमें जीवन मूल्यों संग परिवार चलने चाहिए, अपने जीवन को पर्यावरण की सुरक्षा के साथ चलाना चाहिए, स्वदेशी के साथ अपनी आर्थिक नीतियां बननी चाहिए और साथ ही यह सब करते हुए हमारे जीवन में समरसता का संदेश होना चाहिए, ताकि जातिगत भेदभाव समाप्त हो। ऐसे कई विषयों पर चर्चा होगी।
बताया, बैठक प्रतिवर्ष होती है। पिछले वर्ष बैठक छत्तीसगढ़ रायपुर में आयोजित हुई थी। पत्रकार वार्ता में सुनील के साथ पश्चिम महाराष्ट्र प्रांत कार्यवाह डॉ. प्रवीण दबडघाव भी मौजूद रहे।
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