आर्यम महाराज बोले, भारत में सनातनी मूल्यों के प्रति सकारात्मक लहर देखने को मिल रही
बेबाक दुनिया ब्यूरो
देहरादून। मसूरी स्थित भगवान संकर आश्रम में रविवार को हर भवन अब हवन कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। साथ ही 90 परिवारों के सैकड़ों भक्तों ने अग्निहोत्र की विधि सीखी।

आर्यम इंटरनेशनल फ़ाउंडेशन भारत के तत्वावधान में संचालित भगवान शंकर आश्रम में हवन से सभी वैदिक और सनातनी मूल्यों रक्षा और सक्रिय धर्म सेवा का व्रत लिया गया। ट्रस्ट के प्रमुख और आश्रम के मुख्य अधिष्ठाता जगतगुरु प्रोफ़ेसर पुष्पेन्द्र कुमार आर्यम महाराज के सानिध्य और निर्देश में अभियान शुरू किया गया।
बताया, अभियान का उद्देश्य भारत और विश्वभर में विस्तारित भारतीय वैदिक और सनातनी मूल्यों की सारगर्भित पुनर्प्रतिष्ठा करना है। आर्यम महाराज ने 90 कुंडीय अग्निहोत्र के साथ अभियान का शंखनाद किया। देशभर से अलग-अलग प्रांतों से भक्तों ने कार्यशाला में भाग लेकर स्वयं हवन करना सीखा। महाराज ने स्पष्ट किया कि भारत में सनातनी मूल्यों के प्रति एक सकारात्मक लहर देखने को मिल रही है।
कहा, अब सभी लोग अपने मूल के विशिष्ट धर्म आधारों को समझने और सीखने के प्रति लालायित हैं। आश्रम द्वारा प्रारंभ की गई कई योजनाओं में यह भी एक विशिष्ट अभियान है। कहा, इसे भविष्य में पूरे भारत और फिर विश्व के कई देशों में प्रसारित करने का प्रकल्प है।
उधर, हर भवन अब हवन अभियान में भक्तों ने कार्यशाला में हवन के कई वैज्ञानिक पक्षों का प्रशिक्षण लिया। आर्यम महाराज ने नैत्यिक कर्म विधि, परिक्रमा मंत्र, ब्रह्म मुहूर्त स्तुति महत्व, आचमन विधि, इंद्रिय स्पर्श, मार्जन मंत्र, प्राणायाम मंत्र, घमर्षण मंत्र, गायत्री मंत्र, समर्पण मंत्र, संकल्प विधि, नमस्कार मंत्र, यज्ञोपवीत संस्कार, शांति प्रकरण, अंग स्पर्श मंत्र, अगन्यधान मंत्र, अग्नि प्रदीपन मंत्र, समिधाधान मंत्र , पाँच घृत आहुति मंत्र विधि आदि का कई सत्रों में विस्तारपूर्वक सभी से स्वयं हवन कराकर प्रशिक्षण दिया।
वहीं, सभी 90 परिवारों को तांबे का बड़ा हवन कुंड, तांबे की आधार थाली, सामग्री के पात्र, दीपक, तांबे का चम्मच, आचमन गिलासियां, जल का तांबे का कलश, घृत का कांसे का पात्र, आम की समिधा, गौ घृत, कपूर आदि सभी चयनित परिवारों को दिया गया। अब आगे से यह सभी भक्त अपने घरों और स्थानों पर स्वयं हवन कर सकेंगे।
इस मौके पर मां यामिनीश्री, हर्षिता आर्यम, करण पम्मीराज, उत्कर्ष सिंह, सुनील आर्य, देवेंद्र गोले, अश्वनी कुमार, प्रतिभा आर्य, मुकेश पटेल, निमित जैन, अंकिता जैन, रवि सिंह, किशोर कुमार आदि ने सहयोग किया।
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