May 26, 2026

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उत्तरकाशी : सुरंग का हिस्सा टूटने से अंदर 35-40 मजदूर फंसे

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रविवार सुबह हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य जारी, देर रात भी हटाया जा रहा मलबा

मलबा हटाने के दौरान फिर आ रहा मलबा, पाइप लाइन से अंदर पहुचाई जा रही ऑक्सीजन

बेबाक दुनिया ब्यूरो

देहरादून। उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के यमुनोत्री हाईवे पर निर्माणाधीन सुरंग का रविवार सुबह साढ़े पांच बजे 30 से 35 मीटर हिस्सा टूट गया, जिससे मलबा आने से 35-40 मजदूर फंस गए। सूचना पर एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, आईटीबीपी, पुलिस, बीआरओ और आपदा प्रबंधन की टीम मौके पर पहुंच कर रेस्क्यू कार्य में जुटी हैं।

वहीं, देर सायं टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (टीएचडीसी) भी बचाव अभियान में जुट गई और उसके विशेषज्ञ और मशीनरी मौके पर पहुंच गई हैं। उधर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से घटना की जानकारी ली और हर संभव मदद का भी आश्वासन दिया। उधर, दीपावली की छु्ट्टी पर गए डीएम अभिषेक रूहेला भी हेलीकॉप्टर से मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू कार्य की निगरानी शुरू की।

सुबह साढ़े पांच बजे यमुनोत्री हाईवे पर निर्माणाधीन सुरंग के सिलक्यारा वाले मुहाने से 230 मीटर अंदर 30 से 35 मीटर हिस्से में पहले हल्का मलबा गिरा फिर अचानक भारी मलबा और पत्थर गिरे, जिससे सुरंग के अंदर काम कर रहे 35-40 मजदूर फंस गए। साथ ही मलबे की चपेट में आने से सुरंग की ऑक्सीजन आपूर्ति भी बंद हो गई। कुछ देर बाद पानी के पाइप से ऑक्सीजन की आपूर्ति की गई। उधर, मलबा ज्यादा होने से अब तक अंदर फंसे मजदूरों से संपर्क नहीं हो पाया है।

हालांकि, एनएचआईडीसीएल, निर्माण कपंनी नवयुगा कंपनी भी मजदूरों के सकुशल होने का दावा कर रही है। घटना की सूचना पर पुलिस अधीक्षक अर्पण यदुवंशी, सीडीओ गौरव कुमार आदि मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू कार्य शुरू कराया है। वहीं, देहरादून से डीएम अ​भिषेक रूहेला भी दोपहर बाद मौके पर पहुंचे और सुरंग के अंदर जाकर ​स्थिति का जायजा लिया। डीएम ने बताया, राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर चलाया जा रहा है। बताया, सभी अफसरों की छुट्टी रद्द कर दी गई हैं।

यहां के फंसे मजदूर

उत्तराखंड, झारखंड, असम, बिहार, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, ओडिशा राज्यों के हैं। उत्तराखंड के कोटद्वार व पिथौराढ़ के दो, बिहार के चार, प​श्चिम बंगाल के तीन, असम के दो, झारखंड के 15, उत्तरप्रदेश के आठ, हिमाचल का एक और ओडिशा के पांच मजदूर हैं।

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