बेबाक दुनिया ब्यूरो
देहरादून। मौके पर तो ह्यूम पाइप पड़े हुए हैं, लेकिन इनको सुरंग के अंदर किनारे बिछाने की जहमत नहीं उठाई गई। अगर पाइप लाइन बिछी होती तो शायद हादसे के बाद सभी मजदूर इसके अंदर से बाहर सही सलामत निकल आते।
गौरतलब हो कि निर्माणाधीन सुरंगों में मलबा गिरने का खतरा हमेशा बना रहता है। इसके लिए वहां पर सुरक्षा एवं बचाव के लिए ह्यूम पाइप बिछाए जाते हैं, जिससे कभी मलबा गिरे और मजदूर अंदर फंस जाएं तो वह ह्यूम पाइप के सहारे सकुशल बाहर निकल आते हैं।
उधर, उत्तरकाशी के सिलक्यारा में निर्माणाधीन सुरंग के बाहर भी ह्यूम पाइप तो रखे हैं, लेकिन इन्हें अंदर सुरंग किनारे किनारे नहीं बिछाया गया है, जबकि ऐसा किया गया होता तो मलबा गिरने से फंसे मजदूर बाहर निकाले जा सकते थे।
इस बाबत वैज्ञानिकों का कहना है कि ह्यूम पाइप को सुरंग के अंदर खतरे वाले हिस्सों में रखा जाता है, जिससे किसी भी अनहोनी पर इसके सहारे लोगों को सही सलामत निकाला जा सके।



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