अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता : अभिनव
बेबाक दुनिया ब्यूरो
देहरादून। प्रदेश के नए कार्यवाहक पुलिस महानिदेशक अभिनव कुमार ने बृहस्पतिवार को विधिवत कार्यभार संभाल लिया। विदाई समारोह में पूर्व डीजीपी अशोक कुमार कई बार भावुक भी हुए। इस दौरान पूर्व डीजीपी ने अपने कार्यालय में नए कार्यवाहक डीजीपी अभिनव कुमार को कार्यभार सौंपा।
इस दौरान मीडिया से संक्षिप्त बातचीत में पूर्व डीजीपी अशोक कुमार ने कहा, 30 नवंबर 2020 में डीजीपी बनने के दौरान ही चुनौतियां अपार थीं। उस वक्त कोविड काल चल रहा था। इसके बाद तमाम आपदाएं आईं। कहा, पुलिस जनता के लिए बनी है। उन्होंने कहा, मैंने हमेशा पुलिस और जनता के बीच की दूरी कम की है। कहा, 20 अगस्त 1989 को देहरादून के बस अड्डे से होते हुए ही मैं मसूरी अकादमी पहुंचा था। इस दौरान अशोक कुमार कई बार भावुक भी हुए।
उधर, नए डीजीपी अभिनव कुमार ने कहा, अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा, ट्रैफिक व्यवस्था बड़ी समस्या और चुनौती भी उनके सामने है, जिसको पटरी पर लाने के लिए हर संभव कोशिश की जाएगी। उन्होंने कहा, ट्रैफिक पर युद्ध स्तर पर काम करना होगा, साथ ही साइबर क्राइम भी बड़ी चुनौती। उन्होंने कहा, ड्रग्स तस्करी रोकने के लिए काम करना होगा।


पौड़ी के अंकिता भंडारी हत्याकांड का जिक्र करते हुए कहा, महिला अपराध को रोकने के लिए विशेष कार्ययोजना और प्रशिक्षण की जरूरत है। कांस्टेबल और सब इंस्पेक्टर लेवल पर प्रशिक्षण को बदलना होगा। उन्होंने कहा, अगले साल आम चुनाव हैं, जिनको शांतिपूर्वक संपन्न कराना है। कहा, डेडलाइन देकर काम करना मेरा स्वभाव नहीं रहेगा। कहा, बड़े अपराध सुलझने में वक्त लगता है। कहा, अशोक कुमार पुलिस फोर्स के लिए विश्वकर्मा रहे हैं। उन्होंने आधारभूत ढांचे को मजबूत किया है। उन्होंने अशोक कुमार की पत्नी अलकनंदा अशोक की तारीफ भी की।
उधर, डीजीपी अशोक कुमार की गाड़ी को परंपरा के अनुसार धक्का लगाते पुलिस अधिकारी और कर्मचारी ले गए। इसके बाद अशोक कुमार ने नवनियुक्त डीजीपी अभिनव कुमार को पुलिस मुख्यालय में चार्ज सौंपा। 12वें डीजीपी के रूप में तैनात हुए अभिनव कुमार को अशोक कुमार ने पारंपरिक रूप से पुलिस बैटन सौंपकर कहा, उत्तराखंड पुलिस अब सक्षम हाथों में।
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