प्रांतीय रक्षक दल के स्थापना दिवस की रैतिक परेड में शामिल हुए मुख्यमंत्री
पीआरडी के घोषवाक्य ‘अहमस्मि योधः’ का लोकार्पण कर सहायता राशि बांटी
बेबाक दुनिया ब्यूरो
देहरादून। पीआरडी स्वयं सेवकों को प्रशिक्षण एवं पुर्नप्रशिक्षण के समय दी जानी वाली वर्दी की दर ढाई हजार रुपये करने की घोषणा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने करते हुए अन्य चार घोषणाएं भी जवानों की सुविधा के लिए की।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को प्रांतीय रक्षक दल के स्थापना दिवस पर आयोजित रैतिक परेड में शामिल होकर परेड की सलामी ली। मुख्यमंत्री ने पीआरडी के घोषवाक्य अहमस्मि योधः का लोकार्पण किया और पीआरडी स्वयं सेवकों के आश्रितों को सहायता राशि का वितरण भी किया। प्रांतीय रक्षक दल के स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा, आज स्वयंसेवकों द्वारा रैतिक परेड में किए गए मार्च पास्ट का प्रदर्शन अत्यंत ही मनोहारी था।
उन्होंने घोषणा की कि पीआरडी स्वयं सेवकों को प्रत्येक दो वर्ष पर एक गर्म वर्दी एवं एक सामान्य वर्दी विभाग द्वारा दी जाएगी। पीआरडी स्वयं सेवकों को प्रशिक्षण एवं पुर्नप्रशिक्षण के समय दी जानी वाली वर्दी की दर 1500 रुपये से बढ़ाकर 2500 रुपये की जाएगी। सभी पंजीकृत डयूटी पर तैनात पीआरडी स्वयं सेवकों को होमगार्ड स्वयं सेवकों की भांति 200 रुपये प्रतिमाह ड्यूटी दिवस का धुलाई भत्ता दिया जाएगा।
विकासखंड स्तर पर तैनात ब्लाक कमांडर एवं न्याय पंचायत स्तर पर तैनात हलका सरदार का मासिक मानदेय प्रतिमाह 1000 रुपये एवं 500 रुपये किया जाएगा। आपदा बचाव कार्य में तैनात पीआरडी स्वयं सेवकों को 50 रुपये प्रतिदिन की दर से अतिरिक्त मानदेय दिया जाएगा। कहा, पीआरडी स्वयंसेवक सेवा और समर्पण भाव से सकारात्मक परिवर्तन लाने में सहयोग कर रहे हैं। सामाजिक सुरक्षा कार्य, आपदा प्रबंधन और यातायात व्यवस्था में पीआरडी द्वारा सराहनीय कार्य किया जा रहा।
मुख्यमंत्री ने कहा, राज्य सरकार द्वारा पीआरडी स्वयं सेवकों के हित में कई कदम उठाए हैं। पीआरडी स्वयंसेवकों के मृतक आश्रितों के पंजीकरण हेतु शासनादेश जारी किया गया है। अभी तक 116 मृतक आश्रितों को पंजीकृत किया गया है। इनमें से 70 मृतकों के आश्रितों को रोजगार प्रदान किया गया है, जिसमें 25 महिलाएं भी शामिल हैं। कल्याण कोष संशोधित नियमावली अगस्त 2023 में प्रख्यापित की गई, जिसमें आर्थिक मदद की धनराशि में वृद्धि कर सांप्रदायिक दंगों के दौरान ड्यूटी पर मृत्यु की दशा में देय एक लाख रुपये को बढ़ाकर दो लाख रुपये किया गया है।
कहा, साथ ही अति संवेदनशील ड्यूटी में मृत्यु की दशा में देय 75 हजार रुपये को बढ़ाकर डेढ़ लाख किया गया है। सामान्य ड्यूटी के दौरान मृत्यु की दशा में देय 50 हजार को बढ़ाकर एक लाख रुपये किया गया है। प्राकृतिक आपदा से होने वाले नुकसान के लिए भी संबंधित अधिकारी की संस्तुति पर अधिकतम 50 हजार रुपये का प्राविधान किया गया है, जिससे सीधे तौर पर पीआरडी जवानों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा, कोविड के दौरान भी पीआरडी स्वयंसेवकों ने उत्कृष्ट कार्य किया। जिसके लिए स्वयंसेवकों को पुरस्कार स्वरूप छह हजार प्रति स्वयं सेवक प्रदान किए गए थे। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री रेखा आर्या ने कहा, पिछले दो वर्षों से दल का स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में स्वयंसेवकों के लिए कई सुविधाएं देने के प्रयास किए गए हैं।
कहा, राज्य की चारधाम यात्रा, कांवड़, आपदाओं में पीआडी स्वयं सेवकों द्वार अपने कार्यों के बल पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस मौके पर विधायक उमेश शर्मा ‘काऊ’, विशेष प्रमुख सचिव खेल एवं युवा कल्याण अमित सिन्हा, निदेशक युवा कल्याण जितेंद्र सोनकर मौजूद थे।
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