
प्रभु श्रीराम के मस्तक पर रामनवमी के दिन तीन मिनट तक हुए सूर्यतिलक के साक्षी बने पीएम मोदी समेत करोड़ों देशवासी
अयोध्या के भव्य, नव्य और दिव्य श्रीराम मंदिर में रामनवमी पर उमड़ा आस्था का सैलाब, चहुंओर भगवान श्रीराम के लगे जयकारे
बेबाक दुनिया ब्यूरो
लखनऊ। रामनवमी के दिन अयोध्या के नव्य और दिव्य राममंदिर में प्रभु श्रीराम के जन्मोत्सव के साक्षी जहां करोड़ों देशवासियों संग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी असम से बनें, वहीं सूर्यदेवता बालक श्रीराम के मस्तक पर तीन मिनट तक नीली किरणें बिखेरकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
500 साल का इतिहास। तारीख 17 अप्रैल 2024, दिन बुधवार…और आज ही के दिन सबके ईस्ट प्रभु श्रीराम का जन्मोत्सव।…और उससे बढ़कर अयोध्या के नवनिर्मित भगवान श्रीराम के दिव्य और अलौकिक मंदिर में दिन, तारीख के साथ समय…12.16 बजे… इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया, जब प्रभु श्रीराम का तीन मिनट तक सूर्यतिलक किया गया। जिस समय प्रभु श्रीराम के मस्तक पर सूर्यदेवता अपनी किरणों से बालक श्रीराम के जन्म पर अपनी खुशी व्यक्त कर रहे थे, उसी समय करोड़ों देशवासियों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी असम से विशेष विमान में नंगे पांव बैठकर अपने टैबलेट पर लाइव प्रसारण देखते हुए श्रीराम के जयकारे भी लगाए।
उधर, जहां बुधवार को देशभर में धूमधाम से रामनवमी का पर्व मनाया गया, वहीं इस बार की रामनवमी बहुत विशेष भी रही, क्योंकि अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के बाद रामलला की ये पहली रामनवमी थी। नए मंदिर में सबसे पहले रामलला की विशेष पूजा-अर्चना की गई, इसके बाद मंत्रोच्चारण संग रामलला का तीन मिनट तक सूर्याभिषेक किया गया। रामनवमी के मौके पर मंदिर के कपाट भक्तों के लिए बुधवार को सुबह साढ़े तीन बजे ही खोल दिए गए थे।
प्राणप्रतिष्ठा के बाद रामलला का पहला सूर्यतिलक अभिजीत मुहूर्त में दोपहर 12.16 बजे तीन मिनट तक किया गया। इस दौरान प्रभु श्रीराम की मूर्ति की आभा देखते ही बन रही थी। मंदिर में इस समय अद्भुत नजारा देखने को मिला। आस्था और विज्ञान के संगम से रामलला का सूर्याभिषेक होते दुनिया ने देखा, इसके साथ ही रामनवमी का जश्न भी इस बार दोगुना नहीं, बल्कि चौगुना हो गया।
पीएम मोदी ने लगाए जय श्रीराम के नारे
अयोध्या के दिव्य और भव्य मंदिर में प्रभु श्रीराम के सूर्याभिषेक के दौरान असम में जनसभा को संबोधित करने गए पीएम नरेंद्र मोदी ने जय श्रीराम के नारे लगाए। मोदी ने कहा, दिव्य-भव्य राम मंदिर में रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के बाद पहली रामनवमी है, जिसमें प्रभु श्रीराम के सूर्यतिलक का अलौकिक अवसर भी देखने को मिला।
…ऐसे हुआ सूर्यतिलक
सूर्य की रोशनी दोपहर 12.16 बजे मंदिर की तीसरी मंजिल पर लगे पहले शीशे पर पड़ी फिर यहां से परिवर्तित होकर पीतल के पाइप में प्रवेश कर इसी पाइप में लगे दूसरे शीशे से टकराकर 90 डिग्री पर पुनः परिवर्तित होकर फिर पीतल के पाइप से जाकर सूर्य की किरणें तीन अलग-अलग लेंस से होकर गुजरते हुए लंबे पाइप के गर्भगृह वाले सिरे पर लगे शीशे से टकराई। इसके बाद किरणें सीधे रामलला के मस्तक पर 75 मिमी का गोलाकार तिलक लगाया, जो करीब तीन मिनट तक चला।
हर दिन के हिसाब से रामलला के लिए कपड़ों के रंग तय
रामलला मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास के मुताबिक, अलग-अलग दिन के हिसाब से प्रभु श्रीराम के लिए अलग-अलग रंग के परिधान निर्धारित किए गए हैं। सोमवार को श्रीराम की मूर्ति को सफेद रंग के परिधान पहनाए जाते हैं, जबकि मंगलवार को गुलाबी, बुधवार को हरे, बृहस्पतिवार को पीला, शुक्रवार को क्रीम कलर, शनिवार को नीले रंग के कपड़े और रविवार को लाल रंग के परिधान पहनाए जाते हैं।
प्रधानमंत्री ने दी रामनवमी की बधाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रामनवमी पर समस्त देशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा, यह पहली रामनवमी है, जब अयोध्या के भव्य और दिव्य मंदिर में रामलला विराजमान हो चुके हैं। रामनवमी के उत्सव में आज अयोध्या एक अप्रतिम आनंद में है। पांच शताब्दियों की प्रतीक्षा के बाद आज हमें अयोध्या में रामनवमी इस तरह मनाने का सौभाग्य मिला है। यह देशवासियों की इतने वर्षों की कठिन तपस्या, त्याग और बलिदान का ही सुफल है।
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