February 2, 2026

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वनाग्नि रोकने के लिए सचिवों को जिम्मेदारी

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सीएम ने सचिवालय में वनाग्नि, पेयजल, मानसून सीजन संग चारधाम यात्रा की तैयारियों की समीक्षा की

लापरवाही बरतने पर वन विभाग के 10 कर्मचारी निलंबित, पांच को संबद्ध और दो अफसरों को कारण बताओ नोटिस

बेबाक दुनिया ब्यूरो

देहरादून। बुधवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में वनाग्नि को रोकने के लिए की जा रही कार्यवाही और मानसून सीजन के दृष्टिगत अफसरों संग तैयारियों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि वनाग्नि पर पूर्णतः रोक के लिए सभी सचिव को अलग-अलग जिलों की जिम्मेदारी दी जाए।

इसके अलावा वनाग्नि को रोकने और जनजागरूकता के लिए मुख्यमंत्री फायर लाइन बनाने की कार्यवाही में जन प्रतिनिधियों को भी शामिल करने के निर्देश दिए। कहा, सभी सचिव संबंधित जनपदों में जाकर वनाग्नि से प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण करें और वनाग्नि को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाएं। समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री के निर्देश पर वनाग्नि रोकने में लापरवाही बरतने वाले वन विभाग के 10 कार्मिकों को निलंबित किया गया, जबकि पांच लोगों को संबद्ध और दो अफसरों को कारण बताओ नोटिस दिया गया है।

अन्य कुछ कार्मिकों पर अनुशासनात्मक कार्यवाही के निर्देश दिए। उन्होंने सभी डीएम को निर्देश दिए कि वनाग्नि पर प्रभावी रोकथाम के लिए जनसहयोग लिया जाए। जंगलों में आग लगाने की घटनाओं में जो भी लिप्त मिले, उन पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए। वनाग्नि को रोकने के लिए रिस्पांस टाइम कम से कम किया जाय। कहा, वनों से पिरूल एकत्रीकरण के लिए प्रभावी योजना बनाई जाए। पिरूल संग्रहण केंद्र बनाए जाएं। इसमें सहकारिता विभाग का भी सहयोग लिया जाए।

मुख्यमंत्री ने पिरूल एकत्रीकरण के लिए दी जाने वाली धनराशि को बढ़ाने के भी निर्देश दिए। आगामी मानसून सीजन की तैयारियों के संबंध में बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि मानसून से पहले नालियों की सफाई, ड्रेजिंग और चैनलाईजेशन की कार्यवाही पूर्ण की जाए। नदी किनारे सुरक्षा दीवारों के निर्माण और मरम्मत के कार्य समय पर पूर्ण किए जाएं।

उन्होंने निर्देश दिए कि सभी पुराने ब्रिजों का सेफ्टी ऑडिट किया जाए। वर्षाकाल के दृष्टिगत संवेदनशील क्षेत्रों में वैली ब्रिज की पूर्ण व्यवस्था की जाए। कहा, राज्य के सभी बांधों की गहराई और क्षेत्रफल की वर्तमान स्थिति जानने को संबंधित विभागों की एक कोआर्डिनेशन कमेटी बनाई जाए। यह भी आकलन किया जाए कि डैम के बनने से वर्तमान समय तक डैम की गहराई और क्षेत्रफल की स्थिति क्या है।

‘प्रो एक्टिव एप्रोच से काम करें अधिकारी’

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि मानसून सीजन शुरू होने से पहले डेंगू, मलेरिया और अन्य जलजनित रोगों से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा जागरूकता के साथ ही पूरी तैयारी की जाए। स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाय। आपदा के दृष्टिगत स्वास्थ्य विभाग की रैपिड एक्शन टीम तैयार रखी जाए। कहा, जनता की समस्याओं के समाधान को प्रो-एक्टिव एप्रोच के साथ कार्य करें। पेयजल की पर्याप्त आपूर्ति के लिए जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। स्वच्छ पेयजल के लिए पर्याप्त वैकल्पिक व्यवस्थाएं रखी जाए और जहां पेयजल की समस्या है वहां टैंकर से पीने के पानी की आपूर्ति की जाए। इसके लिए सभी कार्यदायी संस्थाएं समन्वय के साथ कार्य करें।

‘चारधाम यात्रियों को मौसम अलर्ट की व्यवस्था करें’

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि राज्य में चारधाम यात्रा के दृष्टिगत सभी व्यवस्थाएं सुचारू रखी जाएं। यह सुनिश्चित किया जाए कि मौसम की जानकारी से संबंधित अलर्ट एसएमएस से लोगों को मिले। चारधाम और मौसम से संबंधित अन्य सूचनाओं के आदान-प्रदान को सूचना तंत्र को मजबूत बनाया जाए। श्रद्धालुओं की सुविधा के दृष्टिगत सभी विभाग अपने स्तर पर बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें। जन सुविधा को ध्यान में रख आधुनिक तकनीक का अधिकतम इस्तेमाल किया जाए। कहा, आपदा के दृष्टिगत संवदनशील स्थलों और यात्रा मार्गों पर जेसीबी की पर्याप्त व्यवस्था की जाए।

ये हुए निलंबित

मनोज उनियाल, वन दरोगा, रविंद्र सिंह, वन आरक्षी, विनय कुमार वन आरक्षी, सूरत सिंह रावत, वाहन चालक, प्रमोद कुमार रतूड़ी, कनिष्ठ सहायक, प्रह्लाद सिंह गोनिया, वन दरोगा, कृपाल गिरी गोस्वामी, वन आरक्षी, शंकर सिंह, वन आरक्षी, बद्री सिंह चिलवाल, वन दरोगा और हरीश सिंह मेहरा वन दरोगा।

इनको दिया कारण बताओ नोटिस

विपिन चंद्र जोशी, वन क्षेत्राधिकारी, लैंसडाउन वन प्रभाग, प्रदीप कुमार गौड़,
वन क्षेत्राधिकारी, केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग, गोपेश्वर।

इनको किया संबद्ध

गोपाल दत्त जोशी, वन क्षेत्राधिकारी, अल्मोड़ा वन प्रभाग, महेश चंद्र आर्या, वन आरक्षी, नरेंद्र सिंह बिष्ट, वन आरक्षी, पूरन चंद्र आर्या, वन दरोगा, संदीप सूठा, वन दरोगा।

ये रहे मौजूद

उपाध्यक्ष अवस्थापना अनुश्रवण परिषद विश्वास डाबर, मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, अपर मुख्य सचिव आनंद बर्धन, प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, प्रमुख वन संरक्षक डॉ. धनंजय मोहन, सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगोली, अरविंद सिंह ह्यांकी, रंजीत सिन्हा, दिलीप जावलकर, विनय शंकर पांडेय, डॉ. आर राजेश कुमार, एडीजी एपी अंशुमान, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी आदि।

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