सरकार ने प्रदेश में अतिवृष्टि को देखते हुए दो दिन तक के लिए चारधाम यात्रा रोकी
उत्तराखंड के चार से ज्यादा हाईवे और 338 सड़कें बंद, यमकेश्वर में कैंप ढहा
दून में इमारत ढही, ऋषिकेश के श्यामपुर में मुर्गी फार्म के नाले ने कहर बरपाया
बेबाक दुनिया डेस्क
देहरादून। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश उत्तराखंड में कहर ढा रही है। बारिश और अतिवृष्टि से उत्तराखंड में जहां पांच लोगों की जान चली गई, वहीं तेरह से ज्यादा लोगों के लापता होने की भी सूचना है। रविवार की बारिश ने पूरे पहाड़ समेत देहरादून, ऋषिकेश, हरिद्वार, कोटद्वार, चमोली आदि जगहों में काफी कहर बरपाया है।
उधर, बारिश और अतिवृष्टि को देखते हुए प्रदेश की धामी सरकार ने 14 और 15 अगस्त को चारधाम यात्रा को रोक दिया है। सरकार ने मौसम का पूर्वानुमान देखने के बाद ही यहां का दौरा करने की श्रद्धालुओं से अपील की है। उधर, लगातार मूसलाधार बारिश होने के चलते प्रदेश के चार से ज्यादा जहां हाईवे बंद हैं, वहीं 338 से ज्यादा सड़कें भी पहाड़ों से मलबा और बोल्डर आने से बंद हैं।
ऋषिकेश क्षेत्र के श्यामपुर में हनुमान मंदिर के बगल में बीती रात मुर्गी फार्म के उफनाने से दशकों बाद बाढ़ के पानी ने जमकर कहर बरपाया। मंदिर के बगल की गली में स्थित डॉक्टर अनूप नवानी का क्लीनिक पानी से लबालब भर गया, साथ ही क्लीनिक में स्थित मेडिकल स्टोर में भी करीब चार से पांच फीट तक पानी घुस गया, जिससे उनको हजारों रुपयों का जहां नुकसान हुआ है, वहीं भारी संख्या में दवाएं भी बर्बाद हो गई।
इसके साथ ही क्लीनिक के सामने गली में फोटो स्टेट की शॉप में भी कई फीट पानी भरने से मशीन समेत अंदर रखे कंप्यूटर समेत अन्य सामान भी बर्बाद हो गया। वहीं, नवचेतना जूनियर हाईस्कूल में भी पानी भरने से स्कूल तालाब में तब्दील हो गया। यहां पर स्कूल के कीमती और अतिआवश्यक दस्तावेज भी बाढ़ के पानी के भेंट चढ़ गए। स्कूल में स्थापित दर्जनों कंप्यूटर जहां पानी की भेट चढ़ गए, वहीं फर्नीचर भी बरबाद हो गया।
बारिश के चलते पौड़ी गढ़वाल के यमकेश्वर स्थित एक पैराडाइज कैंप भी सोमवार को धराशाही हो गया।
उधर, राजधानी के रानीपोखरी क्षेत्र के थानों भोगपुर मार्ग पर जाखन नदी पर बने पुल का एक हिस्सा सोमवार की सुबह चार बजे बह गया। इस दौरान पुलिस ने मार्ग पर वाहनों और लोगों की आवाजाही बंद करा दी है। इसके अलावा इसी क्षेत्र के थानों में सिन्धवाल गांव के पास विदालना पुल का भी एक हिस्सा बह गया।
साथ ही कई सड़कें भी पानी के तेज बहाव से बह गई हैं। वहीं, भोगपुर में महादेव खाले का पानी भी लोगों के घरों में घुस गया। यहां बहे पुल का मुआयना करने के लिए सोमवार सुबह डीएम सोनिका भी सरकारी अमले के साथ पहुंचीं और पीडब्ल्यूडी के अफसरों को जरूरी निर्देश दिया।
डीएम सोनिका ने डांडी भोगपुर में जल भराव का निरीक्षण कर राहत और बचाव कार्य करने और अतिवृष्टि के चलते सुरक्षा इंतजाम करने के भी निर्देश मातहत अफसरों को दिए। उधर, केदारनाथ के लिनचोली में अतिवृष्टि से एक नेपाली मूल के व्यक्ति की मौत हो गई।
उधर, दिल्ली-देहरादून हाईवे पर मोहंड में भारी बारिश से पहाड़ों से सड़क पर भारी संख्या में मलबा आने से काफी देर तक मार्ग से वाहनों की आवाजाही बंद रही। मौके पर पहुंची पुलिस ने जेसीबी की मदद से मलबा हटवाकर यातायात सुचारू कराया।
वहीं, दिल्ली-देहरादुन हाईवे पर मोहंड में भारी बारिश के कारण पहाड़ों से सड़क पर मलबा आ गया, जिससे काफी देर तक वाहनों का आवागमन बंद रहा। पुलिस ने जेसीबी की मदद से मलबा हटवाकर यातायात सुचारू कराया।
उधर, पौड़ी जिले लक्ष्मण झूला क्षेत्र स्थित परमार्थ निकेतन के गंगा घाट पर स्थापित शिव की मूर्ति को उफनाई गंगा का पानी छू रहा है। वहीं, चमोली जिले के अंतर्गत बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग कई स्थानों पर बाधित हो गया, जिससे ट्रैफिक रोक दिया गया है।
एसडीएम जोशीमठ के मुताबिक, बदरीनाथ से गोविंदघाट आने वाले सभी वाहन और गोविंदघाट व जोशीमठ से पीपलकोटी जाने वाले सभी वाहन यथास्थान बने रहेंगे। आपातकालीन परिस्थिति को छोड़कर कोई भी ट्रैफिक मूवमेंट अग्रिम आदेशों तक नहीं होगा। उधर, कोटद्वार स्थित खोह नदी के उफान से गाड़ीघाट, झूला पुल बस्ती और काशीरामपुर तल्ला के करीब 15 मकान बह गए जबकि देहरादून जिले और टिहरी जिले के बीच ऋषिकेश में बहने वाली चंद्रभागा नदी सोमवार को पूरी तरह से उफान पर आ गई।
ढालवाला में नदी किनारे खड़ा ट्रक बह गया, जिससे अफरातफरी मच गई। गौहरी माफी में भी गंगा का जलस्तर बढ़ने से आबादी वाले क्षेत्रों में पानी घुस गया। इस दौरान मौके पर पहुंचे एसडीआरएफ के जवानों ने राहत और बचाव कार्य किए।
मूसलाधार बारिश से यमुना की सहायक नदियां भी उफान पर
उत्तरकाशी जिले में यमुनोत्री धाम सहित यमुना घाटी में हो रही है मूसलाधार बारिश से यमुना नदी समेत सहायक नदी-नाले भी उफान पर हैं। यमुनोत्री हाईवे जगह-जगह मलबा और बोल्डर आने से बंद है। गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग धरासू बैंड के पास पत्थर व मलबा आने से बाधित हो गया। इसके अलावा यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग डाबरकोट के पास भारी मात्रा में मलबा आने से बाधित हो गया।






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