चमोली जनपद में प्राणमती नदी उफनाई, नदी की बाढ़ से दो पुल बहे, तीन घर भी मलबे में दबे
कर्णप्रयाग में अलकनंदा, पिंडर नदी खतरे के निशान के पास, प्रशासन ने लोगों को किया अलर्ट
पीपलकोटी में घरों में घुसा मलबा, नगर पंचायत का भवन मलबे में दबा, कई मवेशी भी दबे
बेबाक दुनिया ब्यूरो
देहरादून। गढ़वाल मंडल में पिछले एक पखवाड़े से हो रही मूसलाधार बारिश लोगों पर कहर बनकर टूट रही है। कहीं मकान जमींदोज हो रहे तो कहीं पर बाढ़ का पानी लोगों की जिंदगी ही नहीं छीन रहा, बल्कि उनकी गृहस्थी को भी बरबाद कर रहा है। हाईवे, सड़कें, गांव की गलियां और मोहल्लों की सड़कें तक भी बारिश की चपेट में आकर अपनी दुर्दशा पर सिसक रही हैं।
वैसे तो पूरे गढ़वाल मंडल में बारिश का असर है, लेकिन सबसे ज्यादा बारिश कहर चमोली जिले में डाल रही है। इसके बाद पौड़ी जिले में भी बारिश तबाही मचा रही है। 13 अगस्त की रात से शुरू हुई भारी बारिश सोमवार को सुबह आठ बजे तक जारी रही। जिले के थराली, नंदानगर और पीपलकोटी क्षेत्र में नदियों के साथ ही गदेरे भी उफान पर हैं। थराली गांव, केरा गांव में कई मकान, गोशालाएं बाढ़ और मलबे में दब गई हैं। यहां मवेशियों के भी दबे होने की आशंका है।
वहीं, प्राणमति नदी भी खतरे के निशान को छू रही है, जबकि नंदाकिनी नदी भी उफान पर है। प्राणमति नदी की बाढ़ से सड़क का पुल बह गया है। इसके अलावा एक वैली ब्रिज भी बहा है। साथ ही नदी का रूख भी थराली गांव की ओर हो गया है। नदी में आई बाढ़ और पहाड़ों से गिर रहे मलबे से पीपलकोटी नगर पंचायत का कार्यालय और पास के आवासीय मकान मलबे में दब गए हैं।
प्राणमती नदी के उफान से थराली गांव में चार मकान चपेट में आ गए, जबकि मलबे में तीन पशु दब गए हैं। इसके अलावा कई हेक्टेयर कृषि भूमि बह गई। रविवार की रात को पिंडर नदी का जलस्तर बढ़ने से लोगों ने रात घरों से बाहर रहकर बिताई। वहीं, कर्णप्रयाग में अलकनंदा और पिंडर नदी का जलस्तर बढ़ने से दोनों नदियां खतरे के निशान के करीब पहुंच गई हैं।
पीपलकोटी के गडोरा गांव में आवासीय भवन के दोनों ओर से भूकटाव होने से मकान असुरक्षित हो गया है।
पंचायत प्रशासन ने मकान को खाली कराकर परिवार को सुरक्षित स्थान में शिफ्ट कर दिया है। गडोरा में बदरीनाथ हाईवे पर भी मलबा आ गया है। मलबे में कुछ गाड़ियां दबी हैं। एक होटल को भी भूधंसाव से खतरा पैदा हो गया है। चमोली तहसील के कौंज पोथनी गांव में तीन गोशालाएं मलबे में दब गई।
चमोली के आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी ने पिंडर और नंदाकिनी नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी को देखते हुए दोनों नदियों के किनारे रहने वाले लोगों को अलर्ट किया है। उधर, देवाल में देवाल-लोहाजंग-वाण सड़क, देवाल-खेता-मानमती सड़क बंद हो गई है। वाण गांव में दो तीन पैदल सीसी पुलिया बह गई हैं। वाण का मत्स्य पालन केंद्र के तालाबों में मलवा भरने से सभी मछलियों को नुकसान हुआ है।
उधर, चमोली में गाड़ी गांव के पास पुल और संपर्क मार्ग पूरी तरह से ध्वस्त हो गया। बिरही गंगा पर बने हाइड्रो पावर लिमिटेड प्लांट kebप्रोजेक्ट मैनेजर विजय कंडारी ने पुलिस को सूचना देकर बताया कि प्लांट के दो कर्मचारी प्रदीप और प्रकाश पानी में फंस गए हैं। सूचना पर चमोली कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और रेस्क्यू कर दोनों युवकों को बाहर निकाला।
वहीं, देवाल में देवाल-लोहाजंग-वाण सड़क, देवाल-खेता-मानमती सड़क बंद हो गई है। वाण गांव में दो से तीन पैदल सीसी पुलिया भी बह गई हैं। वाण का मत्स्य पालन केंद्र के तालाबों में मलबा भरने से मछलियों को नुकसान हुआ है।




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