February 2, 2026

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यूपी : भगदड़ से मरने वालों की संख्या पहुंची 122

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हाथरस के सिकंदराराऊ क्षेत्र के फुलरई गांव में सत्संग का मंगलवार को था समापन, करीब 50 हजार से ज्यादा लोग जुटे थे

घटना की जांच के लिए योगी सरकार ने बनाई एक कमेटी, यूपी और केंद्र से मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख की आर्थिक मदद

बेबाक दुनिया ब्यूरो

लखनऊ। हाथरस जिले के सिकंदराराऊ थाना क्षेत्र के फुलरई गांव में आयोजित भोले बाबा उर्फ नारायण साकार हरि के सत्संग में मंगलवार को अंतिम दिन दोपहर बाद मची भगदड़ में मरने वालों की संख्या 122 तो पहुंच गई , जबकि ढाई सौ से ज्यादा जख्मी हैं। मरने वालों का आंकड़ा और भी बढ़ सकता है।

प्रदेश सरकार ने सभी मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार, जबकि केंद्र सरकार ने भी प्रत्येक मरने वालों के परिजनों को दो-दो लाख और घायलों को 50-50 हजार रुपये आर्थिक सहायता देने का एलान करते हुए घटना की जांच के लिए एडीजी आगरा और अलीगढ़ कमिश्नर की अगुवाई में एक कमेटी बनाते हुए आयोजकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है। भगदड़ में मरने वालों में ज्‍यादातर महिलाएं और बच्‍चे शामिल हैं। हादसे के बाद मौके से बाबा फरार हो गया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर पुलिस महानिदेशक प्रशांत कुमार और मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह के अलावा योगी सरकार के तीन मंत्री भी मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य में जुट गए हैं। हाथरस के जिलाधिकारी आशीष कुमार पटेल ने शाम को मीडिया को बताया था कि 50 से 60 शव लाए गए हैं, जबकि देर रात प्रदेश के डीजीपी प्रशांत कुमार और प्रदेश के मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने 116 लोगों के मरने की पुष्टि की, वहीं बुधवार को मृतकों का।आंकड़ा 116 से 122 पहुंच गया, जबकि करीब 250 से ज्यादा घायलों को अस्पताल पहुंचाया जा चुका था।

घायलों को बस और टेंपो से अस्पताल पहुंचाया गया। एटा रोड पर सत्संग का यह टेंट 100 बीघे के खुले खेत में लगा हुआ था। भगदड़ के बाद यहां मौत का मातम पसरा हुआ था। लोगों के मुताबिक, करीब 10 साल से सत्संग का आयोजन किया जा रहा था। सत्संग के आखरी दिन करीब 10 हजार लोग जुटे थे। पुलिस के मुताबिक, सत्संग वाली जगह छोटी थी और भीड़ बहुत ज्यादा थी।

ये है नारायण साकार हरि

कासगंज जिले के पटियाली के रहने वाले बाबा का असली नाम सूरज पाल सिंह है। बाबा पुलिस में नौकरी करता था. लेकिन 17 साल पहले अचानक आईबी की नौकरी छोड़कर अपना नाम नारायण साकार हरि रखा और सत्संग करने लगा। अलीगढ़, हाथरस, एटा, कासगंज के अलावा राजस्थान, हरियाणा में भी भोले बाबा के भक्त हैं, जिनकी संख्या लाखों में है। बाबा गेरुआ कपड़े नहीं, बल्कि सफेद सूट, टाई और जूते पहनता है। साकार हरि का एक आश्रम पैतृक गांव पटियाली में, जबकि दूसरा आश्रम बहादुर नगर में है।

इन्होंने जताया दुख

राष्‍ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, उत्तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस अध्‍यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे आदि।

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