February 2, 2026

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जरूरत पड़ी तो बांग्लादेश कूच भी कर सकते नागा संन्यासी : रविंद्र पुरी

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सनातन संस्कृति सर्वोच्च संस्कृति, जिसे मिटाने के लिए विदेशी आक्रांता समय समय पर काम करते रहे हैं : प्रेमगिरी

बेबाक दुनिया ब्यूरो

हरिद्वार। समय रहते बांग्लादेश के हिंदुओं के साथ जारी अत्याचारों पर सुधार नहीं हुआ तो नागा संन्यासी बांग्लादेश कूच करने के लिए भी बाध्य हो सकते हैं।

उपरोक्त बात पंच दशनाम जूना अखाड़ा में पत्रकारों से बातचीत करते हुए अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्र पुरी ने कही। कहा, बांग्लादेश में हिंदुओं संग भीषण अत्याचार हो रहे हैं। हिंदुओं के मंदिरों को तोड़ने के साथ हिंदुओं की संपत्ति को भी जलाया जा रहा है। वहां हिंदू और उनकी बहू बेटियां भी सुरक्षित नहीं हैं। कहा, बांग्लादेश में शांति व्यवस्था बनाने के लिए संत समाज अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन से हस्तक्षेप की मांग करता है।

पूरी ने कहा, बांग्लादेश में हालात बिगड़ते जा रहे हैं। सरकार को बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने चाहिए, पर अभी तक ऐसा कोई कदम सरकार की तरफ से नहीं उठाए गए हैं। जूना अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमहंत प्रेमगिरी महाराज ने कहा, सनातन संस्कृति हमेशा ही सर्वोच्च संस्कृति रही है, जिसे मिटाने के लिए विदेशी आक्रांता समय समय पर काम करते रहे हैं, लेकिन सफल नहीं हो सके।

कहा, बांग्लादेश में भी हिंदुओं का दमन कर सनातन संस्कृति को समाप्त करने का प्रयास किया जा रहा है, जिसे संत समाज स्वीकार नहीं करेगा। अब समय आ गया है कि बांग्लादेश में पीड़ित हिंदुओं की मदद के लिए सरकार कड़े निर्णय ले। सरकार से बांग्लादेश के सभी हिंदुओं को भारत लाने की मांग की। महामंडलेश्वर स्वामी ललितानंद गिरी ने कहा, बांग्लादेश में हिंदुओं की बहू-बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। उनके साथ दुष्कर्म और हत्या जैसे घिनौने अपराध किए जा रहे हैं।

कहा, हिंदुओं की सुरक्षा के के लिए सभी अखाड़े एकजुट होकर सरकार से बांग्लादेश के खिलाफ कड़े कदम उठाने की मांग कर रहे हैं, जिस पर सरकार को जल्द निर्णय लेना चाहिए। पत्रकार वार्ता में महंत महेश पुरी, महंत महाकाल गिरी, महंत हीरा भारती, महंत अमृतपुरी, प्रो. सुनील कुमार बत्रा आदि मौजूद रहे।

हरिद्वार और ऋषिकेश के अखाड़ों और संतों ने राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन

बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार पर अंकुश की मांग को लेकर हरिद्वार और ऋषिकेश के अखाड़ों एवं संतों ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और संयुक्त राष्ट्र संघ अध्यक्ष के नाम संबोधित ज्ञापन अपर जिलाधिकारी (एडीएम) पीएल शाह को सौंपा। संतों ने बताया, बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार थमने का नाम नहीं ले रहे, जिस पर अंकुश लगाने के लिए सरकार को ठोस निर्णय लेना होगा, ताकि बांग्लादेश में रह रहे हिंदुओं की रक्षा की जा सके। संतों ने संयुक्त राष्ट्र संघ से भी बांग्लादेश में शांति व्यवस्था कायम करने में जरूरी कार्यवाही की मांग की।

ये रहे मौजूद

महानिर्वाणी के सचिव रविंद्र पुरी, महामंडलेश्वर जूना अखाड़ा स्वामी यतींद्रानंद गिरी, स्वामी रूपेंद्र प्रकाश, स्वामी प्रबोधानंद गिरि, बाबा हठयोगी, संत जगतार सिंह, गोविंद दास, संजीव चौधरी, राजेश रस्तोगी आदि।

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