महामंडलेश्वर पायलट बाबा को श्रद्धांजलि देने के लिए कई देशों के भक्त भी हरिद्वार पहुंचे
बेबाक दुनिया ब्यूरो
हरिद्वार। बृहस्पतिवार को हजारों साधु-संतों और भक्तों ने महामंडलेश्वर महायोगी पायलट बाबा को महासमाधि दी। पायलट बाबा को श्रद्धांजलि देने के लिए कई देशों के भक्त भी हरिद्वार पहुंचे हुए थे।







महासमाधि श्रीमहंत हरि गिरि महाराज के संरक्षण और देखरेख में उनकी शिष्या महामंडलेश्वर साध्वी चेतनानंद गिरी महाराज और साध्वी श्रद्धा गिरी महाराज ने उन्हें समाधि दी। इसके बाद शंभू रोट, धूल लौट व तिये का कार्यक्रम हुआ। श्री पंचदश नाम जूना अखाड़े के वरिष्ठतम महामंडलेश्वर महायोगी पायलट बाबा को उनकी अंतिम इच्छा के अनुसार हरिद्वार में महासमाधि दी गई। पायलट बाबा को श्रद्धांजलि देने के लिए संतों व भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा।
सभी 13 अखाड़ों के पदाधिकारी, महामंडलेश्वर, श्रीमहंत, महंत, कई दलों के नेता, देश के बड़े उद्योगपति, कारोबारी उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे। श्री महंत हरी गिरी महाराज ने पायलट बाबा को श्रद्धांजलि देते हुए कहा, पायलट बाबा सिद्ध संत थे। समाज, देश व धर्म की सेवा के लिए वे हमेशा तत्पर रहते थे। संन्यासी बनने से पूर्व पायलट बाबा भारतीय वायुसेना में पायलट के रूप में कार्यरत थे।
कहा, पायलट बाबा भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर के पद पर रहते हुए 1962, 1965 और वर्ष 1971 के युद्ध में भाग लिया था और अपने पराक्रम से दुश्मनों को मार भगाया था। उनकी संन्यास यात्रा 1974 से प्रारंभ हुई।
इन्होंने दी श्रद्धांजलि
अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रविंद्र पुरी, वरिष्ठ महामंडलेश्वर अर्जुन गिरी महाराज, आचार्य महामंडलेश्वर अरुण गिरी महाराज, जूना अखाड़ा के राष्ट्रीय सचिव श्रीमहंत महेशपुरी महाराज, सचिव श्रीमहंत शैलेंद्र गिरि महाराज, थानापति धर्मेंद्र गिरी महाराज, महामंडलेश्वर सरोजानंद गिरी महाराज, महाकाल गिरी महाराज, आचार्य महामंडलेश्वर बालकानंद गिरी महाराज, महामंडलेश्वर हरिचेतनानंद महाराज, जयराम आश्रम के ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी महाराज, महामंडलेश्वर स्वामी कपिल पुरी महाराज, महामंडलेश्वर शैलेशानंद गिरी महाराज, महामंडलेश्वर स्वामी दर्शन गिरि समेत 13 अखाड़ों के महंत, श्रीमहंत, महामंडलेश्वर समेत हजारों साधु-संतों और भक्तों ने पायलट बाबा को महासमाधि दी।
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