January 30, 2026

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शीतकाल के लिए तृतीय केदार तुंगनाथ के कपाट बंद

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इस यात्राकाल में पौने दो लाख श्रद्धालुओं ने भगवान तुंगनाथ के किए दर्शन

बेबाक दुनिया ब्यूरो

देहरादून। उत्तराखंड के गढ़वाल मंडल के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित पंचकेदारों में प्रतिष्ठित तृतीय केदार तुंगनाथ मंदिर के कपाट सोमवार को 11 बजे शुभ मुहूर्त पर पूरे विधि-विधान और मंत्रोच्चारण के बीच शीतकाल के लिए बंद हो गए।

इस अवसर पर मंदिर को फूलों से सजाया गया था। कपाट बंद होने के दौरान करीब पांच सौ श्रद्धालुओं ने भगवान तुंगनाथ के दर्शन कर कपाट बंदी के साक्षी भी बने। कपाट बंद होने के बाद भगवान तुंगनाथ की उत्सव डोली ने स्थानीय वाद्य यंत्रों ढोल-दमाऊं समेत बाबा तुंगनाथ के जयकारों के साथ प्रथम पड़ाव चोपता को प्रस्थान किया।

तुंगनाथ मंदिर के कपाट बंद होने पर अपने संदेश में श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दी। बताया, इस यात्रा वर्ष एक लाख सत्तर हजार से ज्यादा तीर्थयात्रियों ने भगवान तुंगनाथ के दर्शन किए। बीकेटीसी मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल ने भी कपाट बंद होने पर श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं प्रेषित की।

कपाट बंद होने के एक दिन पहले तीन नवंबर को तुंगनाथ मंदिर में यज्ञ-हवन किया गया था। चार नवंबर को प्रात: साढ़े चार बजे मंदिर खुल गया था। सुबह पूजा के बाद श्रद्धालुओं ने भगवान तुंगनाथ के दर्शन किए। ठीक 10 बजे से मंदिर के गर्भगृह में कपाट बंद करने की प्रक्रिया शुरू हुई। भगवान तुंगनाथ के स्वयंभू शिवलिंग को श्रृंगार रूप से समाधि स्वरूप में लाया गया। शिवलिंग को पुष्पों, फल पुष्पों, अक्षत से ढक दिया गया।

इसके बाद मठापति रामप्रसाद मैठाणी, प्रबंधक बलबीर नेगी, डोली प्रभारी प्रकाश पुरोहित की उपस्थिति में पुजारी अतुल मैठाणी और अजय मैठाणी ने तुंगनाथ मंदिर के कपाट बंद किए। कपाट बंद होने के बाद मंदिर समिति कर्मचारियों और श्रद्धालुओं संग मंदिर की परिक्रमा के बाद अखोड़ी और हुडु गांव के हक-हकूकधारी भगवान की चल विग्रह डोली के साथ चोपता को प्रस्थान हुए।

बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश गौड़ ने बताया, चार नवंबर सोमवार को भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह डोली चोपता प्रवास करेगी। पांच और छह नवंबर को चलविग्रह डोली दूसरे पड़ाव भनकुन प्रवास करेगी। सात नवंबर को भगवान तुंगनाथ की चलविग्रह डोली शीतकालीन गद्दीस्थल मर्केटेश्वर मंदिर मक्कूमठ में विराजमान हो जाएगी। इसके बाद मर्केटेश्वर मंदिर मक्कूमठ में भगवान तुंगनाथ की शीतकालीन पूजाएं शुरू हो जाएंगी।

ये रहे मौजूद

मठापति रामप्रसाद मैठाणी, प्रबंधक बलबीर नेगी, डोली प्रभारी प्रकाश पुरोहित, पुजारी रविन्द्र मैठाणी, विनोद मैठाणी, चंद्रमोहन बजवाल, दिलवर नेगी, दीपक पंवार, जीतपाल भंडारी, उम्मेद थोर, नरेंद्र भंडारी आदि।

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