चारधाम यात्रा की बैठक में अफसरों से बोले धामी, कहा- यात्रा शुरू होने से पूर्व सभी व्यवस्थाएं पूरी हो जाएं
विभागीय सचिव व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण करें, मुख्य सचिव प्रत्येक सप्ताह यात्रा व्यवस्थाओं की करेंगी बैठक
बेबाक दुनिया ब्यूरो
देहरादून। आगामी चारधाम यात्रा शुरू होने से पूर्व घोड़ा-खच्चर चालकों का पुलिस वेरिफिकेशन कराने के साथ सभी का आपराधिक रिकॉर्ड चेक होगा।

उपरोक्त निर्देश शुक्रवार को सचिवालय में आगामी चारधाम यात्रा की तैयारियों को लेकर हुई बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को दिए। कहा, यह सुनिश्चित किया जाए कि जो भी घोड़े और खच्चर चारधाम यात्रा में लगाए जाएं स्वास्थ्य परीक्षण के बाद ही पंजीकरण किया जाए। इसके अलावा घोड़े और खच्चरों के लिए गर्म पानी की पर्याप्त व्यवस्था भी की जाए। निर्देश दिए कि यात्रा शुरू होने से पहले यात्रा मार्गों पर सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।
कहा, यात्रा से जुड़े सभी विभागों के सचिव यात्रा मार्गों का निरीक्षण कर सभी व्यवस्थाएं समय पर पूर्ण कराना सुनिश्चित करें। मुख्य सचिव को निर्देश दिए कि चारधाम यात्रा की सभी तैयारियों को लेकर साप्ताहिक समीक्षा बैठक की जाए। यातायात प्रबंधन और कानून व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए डीजीपी को भी यात्रा से पूर्व स्थलीय निरीक्षण के निर्देश धामी ने दिए।
उन्होंने बुजुर्ग श्रद्धालुओं के लिए यात्रा मार्ग पर जगह-जगह प्राइवेट हेल्थकेयर टेस्टिंग किट की व्यवस्था करने के भी निर्देश अफसरों को दिए। कहा, उत्तराखंड की चारधाम यात्रा देश-दुनिया के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र है। सुनिश्चित किया जाए कि देवभूमि का अच्छा संदेश देश और दुनिया तक जाए। निर्देश दिए कि यात्रा मार्गों में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाए। कूड़ा प्रबंधन के लिए यात्रा से जुड़े जिलों के डीएम को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा धनराशि मुहैया कराई जाए।
‘श्रद्धालुओं से शालीनतापूर्ण व्यवहार करें’
मुख्यमंत्री ने कहा, यात्रा से जुड़े सभी अधिकारी और कर्मचारी शालीनता एवं सहनशीलता का परिचय दें, यह सुनिश्चित किया जाए कि श्रद्धालुओं संग अभद्रता न हो। उन्होंने अफसरों को निर्देश दिए कि यात्रा मार्गों पर विद्युत, पेयजल और सड़कों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। शौचालयों को दुरुस्त किया जाए और महिलाओं के लिए पृथक शौचालय की व्यवस्था की जाए। यात्रा ड्यूटी में तैनात सुरक्षाकर्मी अलर्ट मोड पर रहें। प्रत्येक छह घंटे के बाद सुरक्षा में तैनात कर्मियों को आराम दिया जाए। यात्रा में आने वाले वाहन चालकों के रहने और सोने की उचित व्यवस्था की जाए। वाहनों की फिटनेस का विशेष ध्यान रखा जाए। श्रद्धालुओं को जरूरी सूचनाएं समय पर मिल सके, इसके लिए सूचना तंत्र मजबूत किया जाए।
चारधाम यात्रा के लिए भी अफसर सतर्क रहें : धामी
मुख्यमंत्री ने अफसरों को निर्देश दिए कि चारधाम यात्रा के कुशल प्रबंधन के लिए सभी विभाग अलर्ट मोड पर रहें। श्रद्धालुओं को मौसम से संबंधित जानकारी, यातायात प्रबंधन और अन्य व्यवस्थाओं की सूचना समय पर प्राप्त हो, इसके लिए सोशल मीडिया का बेहतर प्रयोग किया जाए। होटल, गेस्ट हाउस एवं होम स्टे में यात्रा से संबंधित निर्देशिका कई भाषाओं में मुहैया कराई जाए। निर्देशिका में चारधाम के साथ अन्य पर्यटक स्थलों की जानकारी भी विस्तृत रूप से दी जाए।
‘वनाग्नि की रोकथाम के लिए अफसर अलर्ट मोड पर रहें’
मुख्यमंत्री ने कहा, राज्य में इस समय चारधाम यात्रा के साथ ही वनाग्नि को रोकना महत्वपूर्ण विषय है। कहा, वनाग्नि की रोकथाम के लिए वन विभाग के अलावा अन्य विभाग भी अलर्ट मोड पर रहें। वनाग्नि की घटनाओं को रोकने के लिए सूचना तंत्र और मजबूत किया जाए। क्विक रिस्पांस टाइम को कम से कम किया जाए। वनाग्नि पर प्रभावी रोकथाम के लिए स्थानीय स्तर पर लोगों का सहयोग भी लिया जाए।
10 को केदार, गंगोत्री-यमुनोत्री और 12 मई को बदरीनाथ के खुलेंगे कपाट
अगले माह 10 मई को केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलेंगे, जबकि 12 मई को बदरीनाथ धाम के कपाट खुलेंगे। अभी तक चारधाम यात्रा के लिए 15 लाख से अधिक श्रद्धालु ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं।
ये रहे मौजूद
पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज, शहरी विकास मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल, बदरी-केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेंद्र अजय, मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, डीजीपी अभिनव कुमार, सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम, शैलेश बगोली, सचिन कुर्वे, डॉ. पंकज कुमार पांडेय, अरविंद सिंह ह्यांकी, डॉ. रंजीत सिन्हा, स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर राजेश कुमार, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते, सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी आदि।
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