राज्य के 2,871 विद्यालयों में मिड-डे मील योजना के तहत बनने वाले भोजन के लिए मुख्यमंत्री ने की घोषणा
एक मीडिया हाउस के कार्यक्रम में सीएम धामी ने की घोषणा, 108 मेधावियों को सम्मानित भी किया
बेबाक दुनिया ब्यूरो
देहरादून। राज्य के 2,871 विद्यालयों में मिड-डे मील योजना के तहत बनने वाले भोजन के लिए दो गैस सिलिंडर और एक चूल्हा, राज्य सरकार उपलब्ध कराएगी। इस पर करीब दो करोड़ 15 लाख रुपये का व्यय आएगा।
उपरोक्त बात मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को राजधानी के शिक्षा निदेशालय, ननूरखेड़ा में एक मीडिया हाउस के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही। इस मौके पर धामी ने 10वीं और 12वीं परीक्षा के पूरे प्रदेश के 108 मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद मोदी के नेतृत्व में शिक्षा के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित करने हेतु राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को राज्य में लागू किया गया है।
देश का सामाजिक और आर्थिक विकास उसकी शिक्षा की गुणवत्ता पर निर्भर करता है। कहा, राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत स्कूली और उच्च शिक्षा को नए आयाम मिलेंगे, कौशल विकास से युवाओं को कार्यकुशल बनाया जाएगा। कहा, बच्चों को रोजगार परख शिक्षा के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त करने में भी सहायता मिलेगी। शोध और अनुसंधान को भी प्रोत्साहन मिलेगा और वैज्ञानिक सोच का विकास होगा।

कहा, शिक्षा, जीवन का आधार है और हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार है। कहा, राज्य सरकार इस दिशा में निरंतर प्रयासरत है कि सभी विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा का अवसर मिले। कई योजनाओं से छात्रों को उनके शैक्षिक और व्यक्तिगत विकास के लिएहरसंभव सहायता प्रदान की जा रही है। राज्य सरकार ने सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं को सुधारने के लिए बड़े पैमाने पर कार्य किया है।
कहा, स्कूल भवनों का पुनर्निर्माण, स्मार्ट क्लासरूम की स्थापना, कंप्यूटर लैब और विज्ञान प्रयोगशालाओं का निर्माण कर बच्चों को बेहतर इंफ्रास्टक्चर देने का प्रयास सरकार ने किया है। कहा, शिक्षकों के प्रशिक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा और छात्रों के लिए कई छात्रवृत्ति की योजनाएं भी चलाई जा रही है। कहा, राज्य सरकार प्रदेश को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के संकल्प को पूर्ण करने हेतु प्रतिबद्ध है।
कहा, सर्वश्रेष्ठ राज्य का सपना छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने से ही पूर्ण होगा। मेधावियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा, सभी मेधावी विद्यार्थी भविष्य के कर्णधार हैं, जो आने वाले समय में कई क्षेत्रों में जाकर अपनी सर्वोच्च सेवाएं देंगे। मेधावी छात्र सम्मान जैसे कार्यक्रम छात्रों को प्रोत्साहित करते हैं। कहा, देश एवं राज्य का भविष्य हमारे युवाओं, विद्यार्थियों के हाथों में है। मेधावी विद्यार्थियों ने प्रतिभा से अपने परिजनों, विद्यालय, शिक्षकों एवं सरकार को भी गौरवान्वित किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा, इस सम्मान के साथ ही सभी विद्यार्थियों ने जीवन में नई शुरुआत की है। कहा, विद्यार्थियों की सफलता के पीछे उनके परिजनों के साथ ही गांव, जिले, राज्य की भावनाएं और उम्मीदें जुड़ गई हैं। अब परिजनों के साथ ही अपने स्कूल, जिले और राज्य का नाम रोशन करना मेधावी विद्यार्थियों का कर्तव्य और संकल्प होना चाहिए। छात्र छात्रों की सफलता आने वाली पीढ़ियों के लिए उदाहरण बननी चाहिए।
एलटी के 1500 शिक्षकों को नियुक्तियां दी जाएंगी
शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा, 3000 शिक्षकों को नियुक्तिपत्र देने का कार्य गतिमान है। एलटी के 1500 शिक्षकों को आगामी महीनों में नियुक्तियां दे दी जाएंगी। कहा, स्कूलों और डिग्री कॉलेज में आने वाली समस्याओं को निरंतर दूर किया जा रहा है। स्कूलों में ई-लर्निंग, डिजिटल एवं स्मार्ट क्लास बनाई जाएंगी, जिसके लिए स्वीकृति प्रदान हो चुकी है।
प्रत्येक ब्लॉक से दो टॉपर को भारत दर्शन कराएगी सरकार
शिक्षा मंत्री ने कहा, विद्यार्थियों को बेहतर से बेहतर शिक्षा देने के लिए राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। छठवीं से 12वीं में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले मेधावियों को छात्रवृत्ति देने का प्रावधान सरकार द्वारा किया गया है। आगामी सत्र से प्रत्येक ब्लॉक से दो टॉपर छात्र-छात्राओं को भारत दर्शन के लिए ले जाया जाएगा। कहा, बच्चों को किताबें, कपड़े के साथ ही नोटबुक फ्री देने का प्रावधान भी किया गया है। किसी भी विद्यालय में शिक्षकों की कमी नहीं होने दी जाएगी। इस मौके पर प्रदेश के शिक्षा महानिदेशक बंशीधर तिवारी भी उपस्थित थे।
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