78वें स्वतंत्रता दिवस पर हरिद्वार स्थित पतंजलि योगपीठ में बाबा रामदेव ने किया ध्वजारोहण
बेबाक दुनिया ब्यूरो
देहरादून। ‘मैकाले की शिक्षा पद्धति के कारण पढ़े-लिखे बेरोजगार लोगों की फौज तैयार हो रही है, जो भविष्य में सामाजिक विद्रोह का कारण बन सकती है।’



उपरोक्त बात योग गुरु स्वामी रामदेव ने हरिद्वार जिला स्थित पतंजलि योगपीठ में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ध्वजारोहण के बाद लोगों को संबोधित करते हुए कही। कहा, हम पतंजलि गुरुकुलम्, आचार्यकुलम्, पतंजलि विश्वविद्यालय और भारतीय शिक्षा बोर्ड के माध्यम से ऐसी संस्कारमूलक शिक्षा के बीज इस देश में बोएंगे, जिससे देश की नई पीढ़ी को शिक्षा की स्वाधीनता मिले।
कहा, हमने भारत को आर्थिक आजादी दिलाने और नशा मुक्त भारत बनाने, आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति और वैदिक शिक्षा पद्धति को आगे बढ़ने का संकल्प लिया है। कहा, बांग्लादेश में और अन्य देशों में हिंदुओं पर जो अत्याचार हो रहे, वह गलत हैं। कहा, हम इन अत्याचारों के खिलाफ पूरे विश्व में एक माहौल बनाएंगे, ताकि हिंदू सुरक्षित रहें। कहा, भारत को हमें मजबूत राष्ट्र बनाना है, ताकि किसी देश की हिम्मत भारत पर आंख उठाने की न हो सके।
कहा, विश्व में वामपंथ और इस्लाम के नाम पर कत्लेआम किया गया। भारत शांतिप्रिय और आध्यात्मिक देश है। कहा, पतंजलि संस्थान शिक्षा, चिकित्सा, आर्थिक, सांस्कृतिक व वैचारिक आजादी के साथ रोग व नशा, वासनाओं से इस देश को आजाद कराने के लिए संकल्पित भाव से कार्य कर रहा है। कहा, आजादी के लिए भारत के पांच लाख से ज्यादा वीर-वीरांगनाओं और ऋषि-ऋषिकाओं ने बलिदान दिया।
कहा, हमने आजादी के 78वें स्वाधीनता दिवस पर संकल्प लिया है कि इस देश में राजनीतिक आजादी के साथ शिक्षा, चिकित्सा, आर्थिक, सांस्कृतिक, वैचारिक आजादी एवं रोग व नशा, वासनाओं से देश को आजादी दिलाएंगे। इस मौके पर आचार्य बालकृष्ण ने कहा, शहीदों के स्वप्नों को पूरा करने में पतंजलि प्रयासरत है।
एलोपैथी पर फिर साधा निशाना
सुप्रीम कोर्ट से माफी के बाद फिर स्वामी रामदेव ने एलोपैथी पर निशाना साधते हुए कहा, एलोपैथी की जहरीली दवा खाकर करोड़ों लोगों की मौत हर साल हो रही है। पतंजलि वेलनेस, योगग्राम, निरामयम् आदि चिकित्सा की आजादी का आंदोलन है। कहा, बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं, उनके व्यापारिक प्रतिष्ठनों तथा मंदिरों पर जो हमले हो रहे हैं, वहां की सरकार उन्हें तुरंत रोके।
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