February 2, 2026

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राज्य के शहीद सैनिकों की अनुग्रह अनुदान राशि अब 50 लाख : धामी

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कारगिल विजय दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने की चार घोषणाएं

शहीद सैनिक के परिजन सरकारी नौकरी के लिए आवेदन दो नहीं पांच साल तक कर सकेंगे

बेबाक दुनिया ब्यूरो

देहरादून। बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कारगिल विजय दिवस (शौर्य दिवस) पर गांधी पार्क में आयोजित कार्यक्रम में शहीद स्मारक पर कारगिल शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित कर कारगिल शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने चार घोषणाएं की।

उन्होंने घोषणा की कि राज्य में शहीद सैनिकों को मिलने वाली अनुग्रह अनुदान राशि 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये की जाएगी। शहीद सैनिक के परिजनों को सरकारी नौकरी के लिए आवेदन करने की अवधि को दो साल से बढ़ाकर पांच साल किया जाएगा। शहीदों के आश्रितों को अब डीएम कार्यालयों में समूह ‘ग’ और समूह ‘घ’ के अलावा अन्य विभागों में भी समूह ‘ग’ और समूह ‘घ’ के पदों पर नियुक्ति दी जाएगी।

इसी तरह सैनिक कल्याण विभाग में कार्यरत संविदाकर्मियों को उपनलकर्मियों की भांति अवकाश प्रदान किया जाएगा। धामी ने कहा, कारगिल युद्ध में मां भारती की रक्षा के लिए हमारे वीर जवानों ने पराक्रम और अदम्य साहस का परिचय दिया। भारतीय सैनिकों ने कारगिल युद्ध में जिस प्रकार की विपरीत परिस्थितियों में वीरता का परिचय देते हुए घुसपैठियों को सीमा पार खदेड़ा, उससे पूरे विश्व ने भारतीय सेना का लोहा माना।

कहा, कारगिल युद्ध में देश की सीमाओं की रक्षा के लिए वीर सैनिकों के बलिदान को राष्ट्र हमेशा याद रखेगा। कहा, कारगिल की विजय गाथा भी उत्तराखंड के वीरों के बिना अधूरी है और अपने 75 सपूतों का बलिदान ये वीर भूमि कभी नहीं भुलाएगी। जिस सांस्कृतिक परिवेश और विचारों ने हम सभी को पोषित किया है, उस संस्कृति में मान्यता है कि देशभक्ति सभी प्रकार की भक्तियों में सर्वश्रेष्ठ है। कहा, सैनिक पुत्र होने के नाते उन्होंने बचपन से ही एक सैनिक और उसके परिवार के संघर्ष को देखा है।

कहा, कारगिल युद्ध के समय अटल बिहारी वाजपेयी प्रधानमंत्री थे। हमने युद्ध भी जीता और वैश्विक स्तर पर कूटनीति में भी जीते। अटलजी ने शहीदों का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव में राजकीय सम्मान संग करने की व्यवस्था की। कहा, आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से सेना न केवल पहले से और अधिक सक्षम और सशक्त हो रही है, बल्कि उसकी यश और कीर्ति भी बढ़ रही है। हमारी सरकार जहां एक तरफ सेना के आधुनिकीकरण पर बल दे रही, वहीं सैनिकों और उनके परिवारों को मिलने वाली सुविधाओं को भी बढ़ा रही है।

कहा, प्रधानमंत्री मोदी निरंतर सैनिकों के साहस और मनोबल को बढ़ा रहे हैं और यही कारण है कि सेना आज गोली का जवाब गोले से दे रही है। आज भी प्रधानमंत्री ने कारगिल वॉर मेमोरियल, लद्दाख में कारगिल विजय दिवस के अवसर पर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने कहा, राज्य में अग्निवीरों को सरकारी सेवाओं में आरक्षण का प्राविधान किया जाएगा, इसके लिए अधिनियम भी लाया जाएगा।

सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा, मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार पूर्व सैनिकों, शहीद सैनिकों के आश्रितों के कल्याण के प्रति वचनबद्ध है। शहीद सैनिकों के परिवार के एक सदस्य को योग्यता के अनुसार सरकार द्वारा सेवायोजित किया जा रहा है। अभी तक 26 आश्रितों को सेवायोजित किया जा चुका है।

कहा, सरकार द्वारा राज्य के वीरता पदक से अलंकृत सैनिकों को दी जाने वाली एकमुश्त धनराशि में वृद्धि की गई है। प्रदेश के शहीदों की स्मृति में समस्त सुविधाओं से युक्त शौर्य स्थल (सैन्य धाम) का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हर्बटपुर में सैनिक कल्याण का दूसरा कार्यालय खोला जा रहा है।

इन्होंने दी श्रद्धांजलि

सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी, कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल, विधायक सविता कपूर, विधायक बृज भूषण गैरोला, निवर्तमान मेयर सुनील उनियाल गामा आदि।

ये रहे मौजूद

सचिव सैनिक कल्याण दीपेंद्र चौधरी, मेजर जनरल सम्मी सबरवाल (सेनि), लेफ्टिनेंट जनरल अश्वनि कुमार (सेनि), मेजर जनरल केएस राणा (सेनि), ब्रिगेडियर कीर्ति बहल (सेनि), ब्रिगेडियर हरीश सेट्ठी (सेनि), निदेशक सैनिक कल्याण ब्रिगेडियर अमृत लाल (सेनि), एमडी उपनल ब्रिगेडियर जेएस बिष्ट (सेनि), जिलाधिकारी देहरादून सोनिका, एसएसपी देहरादून अजय सिंह एवं अन्य सैन्य अधिकारी, पूर्व सैनिक और शहीदों के परिवार।

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