यूसीसी के लिए गठित विशेषज्ञ समिति की अध्यक्ष रंजना देसाई की अगुवाई में सदस्यों ने सीएम धामी को सौंपा ड्राफ्ट
उत्तराखंड सरकार की ओर से समान नागरिक संहिता बिल छह फरवरी को विधानसभा में पेश किया जाएगा
बेबाक दुनिया ब्यूरो
देहरादून। उत्तराखंड सरकार द्वारा प्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने के गठित विशेषज्ञ समिति की अध्यक्ष रिटायर्ड जस्टिस रंजना देसाई की मौजूदगी में समिति के सदस्यों ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ड्राफ्ट सौंपा।

गौरतलब हो कि विधानसभा सत्र पांच से आठ फरवरी तक आहूत किया गया है। इस मौके पर उत्तराखंड सरकार की ओर से यूसीसी बिल छह फरवरी को विस में पेश किया जाएगा। सत्र से पहले विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण की अध्यक्षता में कार्यमंत्रणा की बैठक में सदन संचालित करने के लिए एजेंडा तय किया जाएगा। गौरतलब हो कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद अपने वादे के अनुसार 23 मार्च 2022 को हुई पहली मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य में नागरिक संहिता कानून (यूसीसी) लागू करने का फैसला किया था।
इसके लिए धामी सरकार ने यूसीसी का ड्राफ्ट तैयार करने के लिए 27 मई 2022 को सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजना देसाई की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय विशेषज्ञ समिति गठित कर दी गई थी। समिति में दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति प्रमोद कोहली, उत्तराखंड के पूर्व मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह, दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल और सामाजिक कार्यकर्ता मनु गौड़ शामिल थे।
ये है यूसीसी
समान नागरिक संहिता में देश में निवास कर रहे सभी धर्म और समुदाय के लोगों के लिए समान कानून की वकालत की गई है। अभी हर धर्म और जाति का अलग कानून है। इसके हिसाब से ही शादी और तलाक जैसे निजी मामलों में निर्णय होते हैं। यूसीसी लागू होने के बाद हर धर्म और जाति के लोगों के लिए विवाह पंजीकरण, तलाक, बच्चा गोद लेना और संपत्ति के बंटवारे जैसे मामलों में समान कानून लागू होगा।
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