January 16, 2026

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केंद्र से स्थायी रूप से अतिरिक्त विद्युत आपूर्ति का अनुरोध

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल खट्टर से भेंट कर की मांग

बेबाक दुनिया ब्यूरो

देहरादून। बृहस्पतिवार को उत्तराखंड के लिए केंद्रीय तापीय संयंत्रों से 500 मेगावाट अतिरिक्त विद्युत आपूर्ति को स्थायी रूप से आवंटित करने का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल खट्टर से नई दिल्ली में मुलाकात के दौरान अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री धामी ने केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर से शिष्टाचार भेंट कर केंद्रीय आवास एवं शहरी मामले और ऊर्जा के दायित्व का कार्यभार ग्रहण करने पर बधाई और शुभकामनाएं दीं। धामी ने खट्टर से केंद्रीय तापीय संयंत्रों से 500 मेगावाट अतिरिक्त विद्युत आपूर्ति उत्तराखंड राज्य को स्थायी रूप से आवंटित करने का अनुमोदन प्रदान करने का अनुरोध किया। कहा, उत्तराखंड राज्य में विद्युत उत्पादन हेतु केवल जल विद्युत ऊर्जा उत्पादन केंद्रों की उपलब्धता है, जिससे राज्य के कुल एनर्जी मिक्स में 55 फीसदी से अधिक ऊर्जा जल विद्युत ऊर्जा स्रोतों से प्राप्त होती है।

कहा, कोयला आधारित संयंत्रों से राज्य के एनर्जी मिक्स में केवल 15 फीसदी ऊर्जा प्राप्त होती है, जिससे राज्य में बेस लोड क्षमता का अभाव राज्य की ऊर्जा सुरक्षा के लिए कठिन चुनौती बनता जा रहा है। कहा, सर्दियों में राज्य के जल विद्युत ऊर्जा स्रोतों से औसतन 300-400 मेगावाट ऊर्जा ही प्राप्त हो पाती है, जो ऊर्जा सुरक्षा की स्थिति को और गंभीर बनाती है। राज्य में 4800 मेगावाट क्षमता की जलविद्युत परियोजनाओं का निर्माण मुख्यतः पर्यावरणीय कारणों से कई न्यायालयों अथवा अन्य स्तरों पर लंबित है, जिससे राज्य में उपलब्ध जल शक्ति का विकास न हो पाने से राज्य में विद्युत की मांग एवं उपलब्धता का अंतर लगातार बढ़ता जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा, केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण, नई दिल्ली द्वारा इस वर्ष सम्पादित की गई रिसोर्स एडक्विसी स्टडी में भी उत्तराखंड के एनर्जी मिक्स में वर्ष 2027-28 तक 1200 मेगावाट अतिरिक्त विद्युत कोयला आधारित तापीय संयत्रों से प्राप्त करने की संस्तुति की गई है। कहा, आगामी पांच वर्षों में राज्य की आर्थिकी को दोगुना करने का लक्ष्य है। लक्ष्य की प्राप्ति हेतु राज्य के आधारभूत ढांचे में व्यापक वृद्धि की जानी है, जिसमें राज्य में औद्योगिकीकरण, सेवा क्षेत्र जिसमें पर्यटन से जुड़ा आधारभूत ढांचा मुख्य है।

कहा, कृषि एवं वानिकी तथा शिक्षा आदि क्षेत्रों में मुख्य रूप से निवेश आकर्षित हो रहा है, जिसके फलस्वरूप निकट भविष्य में विद्युत की मांग में तेज वृद्धि होगी। धामी ने केंद्रीय मंत्री से राज्य की बेस लोड की आवश्यकताओं को पूर्ण करने और विद्युत की मांग तथा उपलब्धता के अंतर को कम करने के लिए केंद्रीय तापीय संयंत्रों से 500 मेगावाट अतिरिक्त विद्युत आपूर्ति उत्तराखंड राज्य को स्थायी रूप से आवंटित करने का अनुमोदन प्रदान करने का अनुरोध किया।

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