बेबाक दुनिया ब्यूरो
देहरादून। गढ़वाल मंडल में लगातार हो रही बारिश के चलते जहां भूस्खलन और पहाड़ों से मलबा आने से कई हाईवे और मार्ग बंद हैं, वहीं केदारनाथ पैदल मार्ग और गौरीकुंड हाईवे पर भूस्खलन से मार्ग में फंसे करीब चार सौ लोगों का रेस्क्यू कर सोनप्रयाग पहुंचाया गया।
रविवार देर रात्रि से शुरू बारिश सोमवार दोपहर तक रुक-रुककर होती रही। इस दौरान रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे सोनप्रयाग से गौरीकुंड के बीच मुनकटिया और गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर चिरबासा, जंगलचट्टी, भीमबली, रामबाड़ा, लिनचोली में भूस्खलन से रास्ता अवरुद्ध हो गया। केदारनाथ से पैदल मार्ग से सोनप्रयाग के लिए निकले 400 यात्रियों को प्रभावित स्थानों से सुरक्षित रेस्क्यू किया गया।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह राजवार ने बताया, मौसम को देखते हुए केदारनाथ से किसी भी यात्री को पैदल मार्ग से नीचे नहीं भेजने के लिए कहा गया था। इसके बावजूद चार सौ यात्री धाम से सोनप्रयाग के लिए रवाना हुए, जिन्हें सुरक्षित पहुंचाया गया है। इधर, सोनप्रयाग से केदारनाथ कोई भी यात्री नहीं भेजा गया।






गदेरे में डंपिंग जोन में मिला शिवलिंग
रुद्रप्रयाग जिला न्यायालय के पास भारी बारिश के बीच गदेरे में डंपिंग जोन में शिवलिंग बहकर आ गया। लोगों का कहना है कि यहां पर माधवाश्रम अस्पताल में कुछ निर्माण कार्य चल रहा है और इसके मलबे को न्यायालय के समीप गदेरे में डंप किया जा रहा है। बीते सोमवार को तेज बारिश के समय मलबे के ढेर में एक शिवलिंग बहता नजर आया, जिसे कुछ लोगों द्वारा निकालकर सुरक्षित जगह रखा गया। एक फीट से ज्यादा ऊंचे शिवलिंग का निचला हिस्सा क्षतिग्रस्त है।


चमोली : बारिश और भूस्खलन से कई मार्ग बंद
सोमवार देर रात हुई भारी बारिश से थराली देवाल स्टेट हाईवे तहसील मुख्यालय राड़ीबगड़ के पास सुनगाड़ में चट्टान टूटने से बंद हो गया। मंगलवार सुबह चार बजे से सड़क के दोनों तरफ वाहनों की कतार लग गई। सूचना पर लोनिवि के अफसर और कर्मचारी जेसीबी लेकर पहुंचे और घंटों की मशक्कत के बाद मार्ग को खोला। वहीं, सिमली-ग्वालदम राष्ट्रीय राजमार्ग सुनला में भूस्खलन और बोल्डर आने से बाधित हो गया, जिससे गढ़वाल और कुमाऊं जाने वाले सैकड़ों लोग सड़क के दोनों तरफ फंस गए। बीआरओ की टीम ने घंटों की मेहनत के बाद सड़क को आवाजाही के लिए तैयार किया।
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