एक माह बाद पहाड़ों में बर्फबारी होने से लोगों के चेहरे खिले
बेबाक दुनिया ब्यूरो
देहरादून। बुधवार को उत्तराखंड में मौसम के करवट लेते ही जहां चारधामों में जमकर बर्फबारी हुई, वहीं पहाड़ों की चोटियां बर्फ की सफेद चादर से लकदक हो गईं। मसूरी से लगाकर धनोल्टी, चकराता, उत्तरकाशी, चमोली और रुद्रप्रयाग आदि जगहों में बर्फबारी होने से किसानों और व्यावसायियों के चेहरे दमक उठे।




गढ़वाल मंडल में बुधवार सुबह से ही मौसम ने करवट लेनी शुरू कर दिया था। सुबह से आसमान में बादल छा गए थे। उत्तरकाशी जिले में स्थित गंगोत्री धाम और यमुनोत्री धाम में बर्फबारी सुबह बर्फबारी शुरू हो गई, जबकि बड़कोट तहसील क्षेत्र में बारिश शुरू हो गई थी। इसके अलावा हर्षिल घाटी में भी बर्फबारी शुरू हो गई थी। यमुनोत्री धाम सहित आसपास खरशालीगांव, जानकीचट्टी, नारायण पुरी, फूलचट्टी सहित गीठ पट्टी के बारह गांवों में बर्फबारी हुई।




उधर, बदरीनाथ और केदारनाथ धाम में भी सुबह से ही मौसम का मिजाज बिगड़ गया था, जो दोपहर बाद बर्फबारी के रूप में तब्दील हो गया। इसके बाद दोनों धामों में जमकर बर्फबारी हुई। उधर, पर्यटन नगरी धनोल्टी के ऊंचाई वाले क्षेत्र में सीजन की पहली बर्फबारी हुई, जिससे क्षेत्र में ठंड बढ़ गई। धनोल्टी के आलू फार्म, सुरकंडा देवी मंदिर क्षेत्र में रुक-रुक कर हिमपात होता रहा, जिससे क्षेत्र में शीतलहर का प्रकोप बढ़ गया।




वहीं, सुरकंडा में सीजन की पहली बर्फबारी हुई। बुधवार को शाम पांच बजे के लगभग कुछ देर हल्की बर्फबारी हुई, लेकिन फिलहाल बर्फ टिक नहीं पाई और गल गई। उधर, पहाड़ों की रानी मसूरी में पहले बारिश के साथ जमकर ओले पड़े, फिर बर्फ की फुहारें पड़नी शुरू हुईं। इसके बाद बर्फबारी शुरू हो गई।




इसके बाद रात में ही कड़ाके की ठंड के बावजूद पर्यटक कमरों से बाहर निकले और खूब मस्ती की। उधर, चकराता के लोखंडी में सीजन की पहली बर्फबारी हुई, जिससे बागवानों ने जहां राहत की सांस ली, वहीं पर्यटन व्यावसायियों के चेहरे खिल उठे।


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