January 16, 2026

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जो था, जो है और जो रहेगा वह सनातन है : भागवत

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कनखल क्षेत्र के हरिहर आश्रम में शुरू हुए तीन दिवसीय दिव्य आध्यात्मिक महोत्सव पर बोले आरएसएस प्रमुख

कहा, अगर हम अपना जीवन बदले तो दुनिया में बदलाव आएगा और भारत फिर से विश्व गुरु बन जाएगा

बेबाक दुनिया ब्यूरो

हरिद्वार। विश्व कल्याण की कामना हम कर रहे हैं, इसमें भी भय मुक्त कामना की कल्पना करते हैं। जो था, जो है और जो रहेगा वह सनातन है। सृष्टि का कल्याण ही केवल सनातन में है।

ये बात कनखल स्थित हरिहर आश्रम में शुरू हुए तीन दिवसीय दिव्य आध्यात्मिक महोत्सव का शुभारंभ करते हुए बतौर मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख डॉक्टर मोहन भागवत ने कही। कहा, सनातन सर्वे भवंतु सुखिनः की बात करते हैं। जो रहेगा वह सनातन है। कहा, ज्ञान भाषण से नहीं आचरण से पहुंचता है। हम अपने आचरण से प्रमाण स्थापित करें। जैसे प्रभु श्रीराम ने अपने जीवन में प्रमाण स्थापित कर बताया कि वह मर्यादा पुरुषोत्तम हैं।

कहा, सत्य, करुणा, शुचिता और तपस्या कल्याण के सूत्र हैं। इसे आत्मसात कर चलेंगे, तो हमारा भी भला होगा और दुनिया का भी। कहा, ज्ञान भाषण से नहीं आचरण से आता है। अगर एक शब्द का भी आचरण कर लिया जाए तो दुनिया में परिवर्तन आ सकता है। कहा, भगवान श्रीराम इसलिए पुरुषोत्तम नहीं कहलाए, इसके लिए उन्होंने मर्यादाओं का पालन किया।

भागवत ने कहा, फल को भगवान पर छोड़ दें, क्योंकि डॉक्टर हेडगेवार ने जो आज है, वह नहीं देखा। कहा, अगर हम अपना जीवन बदले तो दुनिया में बदलाव आएगा और भारत फिर से विश्व गुरु बनेगा। कहा, अकेला सनातन कल्याणकारी सनातन वर्ण का पालन करें तो दुनिया का भला होगा और हमारा भी भला होगा।

इस मौके पर हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, स्वामी रामदेव, परमार्थ निकेतन ऋषिकेश के स्वामी चिदानंद सरस्वती, महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी, उत्तराखंड के पूर्व कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक आदि समेत साधु-संत मौजूद थे।

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