January 16, 2026

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नए साल में ड्राफ्ट, जल्द लागू करेंगे यूसीसी : सीएम

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बेबाक दुनिया ब्यूरो

देहरादून। उत्तराखंड में समान नागरिक आचार संहिता को भी लागू करने की तैयारी हमारी सरकार कर रही है। नए साल में कमेटी हमें ड्राफ्ट सौंप देगी, इसके बाद जल्द समान नागरिक आचार संहिता को प्रदेश में लागू कर दिया जाएगा।

उपरोक्त बात उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कनखल स्थित हरिहर धाम में आयोजित दिव्य आध्यात्मिक समागम में कही। उन्होंने कहा, हम सनातन धर्म के अनुयाई हैं, हमारा धर्म किसी व्यक्ति विशेष द्वारा स्थापित धर्म नहीं है, बल्कि यह प्राचीन काल से चले आ रहे कई मतमतांतरों, आस्थाओं और विश्वासों आदि का संगम है।

कहा, हमने उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए विकल्प रहित संकल्प का मूलमंत्र अपनाया है। कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज अभूतपूर्व रूप से भारत का सांस्कृतिक उत्थान भी हो रहा है और सनातन संस्कृति का परचम भी विश्व में लहरा रहा है। कहा,
ये मेरा सौभाग्य है कि आज मुझे एक साथ आप सभी महानुभावों का सानिध्य प्राप्त हो रहा है। कहा, आप सभी की आभा और ऊर्जा ने मेरे मन मस्तिष्क को और भी ज्यादा जागृत करने का कार्य किया है।

कहा, हमारी संत परंपरा किसी मठ, पंथ, आचार, विचार को फैलाने तक सीमित नहीं रही है, हमारे संतों ने पूरे विश्व को जोड़ते हुए वसुधैव कुटुम्बकम के भाव को सशक्त किया है। कहा, संत समाज का एकमात्र उद्देश्य प्राचीन संस्कृति एवं सभ्यता को बनाए एवं बचाए रखना और भारत को विश्व गुरु के पद पर पुनः आरूढ़ करना है। कहा, भारत जैसे विशाल राष्ट्र में धर्म की रक्षा के लिए संत समाज प्राचीनकाल से संघर्ष करता रहा है।

कहा, समय-समय पर साधु-संतों ने धर्म की रक्षा की खातिर अपना सर्वस्व न्यौछावर किया है। कहा, सनातन धर्म जिन तथ्यों और सिद्धांतों पर आधारित हैं वे मानव निर्मित नहीं हैं, वे इस सृष्टि में स्वमेव अस्तित्व में आए हैं। यह सृष्टि का स्वाभाविक धर्म है, इसलिए यह सनातन है। कहा, विगत ढाई वर्ष में हमारी सरकार ने भी कुछ ऐसे महत्वपूर्ण और कठोर निर्णय लिए हैं, जो विगत 23 वर्षों में नहीं लिए गए थे।

कहा, हमने एक ओर जहां उत्तराखंड में देश का सबसे कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया, वहीं धर्मांतरण रोकने के लिए भी कानून बनाया। कहा, प्रदेश में पहली बार लैंड जिहाद के खिलाफ कार्रवाई की गई, वहीं भ्रष्टाचारियों पर भी पहली बार कार्रवाई करने से हम पीछे नहीं हटे। इसके साथ ही हमने प्रदेश की महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था भी शुरू की है।

‘राज्य के विकास के लिए पूरी निष्ठा से कर रहे काम’

मुख्यमंत्री धामी ने कहा, पीएम नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप हम राज्य के विकास और कल्याण के लिए निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करने हेतु संकल्पबद्ध हैं।कहा, मुझे पूर्ण विश्वास है कि लक्ष्य की प्राप्ति के लिए, हमें पूर्व की भांति भविष्य में भी साधु-संतों और मौजूद महानुभावों का सहयोग व मार्गदर्न मिलता रहेगा।

संतों ने हमेशा समाज का मार्ग दर्शन किया

धामी ने कहा, संतों ने हमेशा ही समाज का मार्गदर्शन किया है और समाज के उत्थान के लिए हिंदू संस्कृति की रक्षा अत्यंत जरूरी है। कहा, आपका धन, वैभव, संपदा ये सब अर्थहीन हैं, यदि आप संतों, गुरुजनों की वाणी को नहीं सुनते, उनके विचारों का अनुसरण नहीं करते हैं।

आचार्य एक चुंबकीय व्यक्तित्व के स्वामी

कहा, आचार्य महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरि एक चुंबकीय व्यक्तित्व के स्वामी हैं, जो भी आप से एक बार मिल लेता है वो हमेशा के लिए आपका प्रशंसक बन जाता है। कहा, आशा करता हूं कि आपका ज्ञान सदैव हमारा मार्गदर्शन करता रहेगा और हमें राष्ट्र निर्माण के पथ पर अग्रसर करने में सहायता प्रदान करता रहेगा। आपको कुंभ मेला 1998 में जूना अखाड़े का आचार्य महामंडलेश्वर बनाया गया था और तब से अब तक आपने लगभग 10 लाख नागा साधुओं को दीक्षा दी है।

‘आचार्य का कार्य धर्म का अनुपालन और रक्षा करना है’

धामी ने कहा, संन्यास परंपरा में आचार्यं का दायित्व बहुत बड़ा दायित्व है। आचार्य का कार्य है धर्म का अनुपालन और धर्म की रक्षा करना है। इस कार्य को आचार्यश्री निरंतर पूर्ण निष्ठा और समर्पण के साथ करते आ रहे हैं। कहा, आज इस समारोह में हजारों वर्ष की हमारी महान और समृद्ध संत परंपरा के साक्षात दर्शन एक साथ हो रहे हैं।

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