December 14, 2025

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बदरीविशाल के कपाट खुलने की तिथि के एलान की प्रक्रिया शुरू

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गाडू घड़ा श्रीनृसिंह मंदिर जोशीमठ से पूजा अर्चना के बाद योग बदरी पांडुकेश्वर रवाना

बेबाक दुनिया ब्यूरो

देहरादून। बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि तय करने की प्रक्रिया में रविवार 11 फरवरी को गाडूघड़ा (तेल-कलश) श्री नृसिंह मंदिर जोशीमठ से पूजा के बाद योग बदरी पांडुकेश्वर रवाना किया गया।

इस दौरान पांडुकेश्वर कुबेर महायज्ञ और भागवत कथा में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे भाजपा उत्तराखंड के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने योग बदरी मंदिर में दर्शन कर तेल कलश का स्वागत किया‌। श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि टिहरी स्थित नरेंद्रनगर के राजदरबार में वसंत पंचमी (14 फरवरी) को तय की जाएगी। इस बाबत श्रीबदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने कहा, बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि तय करने के कार्यक्रम के लिए मंदिर समिति ने तैयारी शुरू कर दी है।

बताया, बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी योगेंद्र सिंह ने मंदिर समिति के कर्मचारियों को इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं। बताया, 14 फरवरी को ही डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत द्वारा गाडू घड़ा राजमहल को सौंपा जाएगा। बाद में राजमहल से गाडूघड़ा में तिलों का तेल पिरोकर कपाट खुलने से पूर्व बदरीनाथ धाम पहुंचता है। बताया, कपाट खुलने के बाद तेलकलश भगवान बदरीविशाल के नित्य अभिषेक हेतु प्रयोग में लाया जाता है।

12 फरवरी को सुबह योग बदरी पांडुकेश्वर में पूजा के बाद गाडू घड़ा नृसिंह मंदिर जोशीमठ पहुंचेगा और दिन के भोग के बाद गाडू घड़ा लक्ष्मीनारायण मंदिर डिम्मर पहुंचेगा, जबकि 13 फरवरी को तेल कलश डिम्मर (चमोली) से मंदिर समिति के ऋषिकेश स्थित चंद्रभागा में बनी बीकेटीसी की धर्मशाला पहुंचेगा। इसके बाद 14 फरवरी वसंत पंचमी को तेल कलश राजमहल नरेंद्र नगर पहुंचेगा। वसंत पंचमी को श्रीबदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि तय होगी और इसी दिन गाडूघड़ा तेलकलश यात्रा की भी तिथि तय होगी।

श्रीबदरीनाथ धाम के कपाट खुलने से पूर्व गाडूघड़ा तेलकलश श्री नृसिंह मंदिर, योग बदरी पांडुकेश्वर होते हुए श्रीबदरीनाथ धाम पहुंच जाएगा। बीकेटीसी के मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश गौड़ ने बताया, धार्मिक रस्म के अंतर्गत रविवार को श्रीनृसिंह मंदिर में बीकेटीसी ने तेल कलश को मंदिर भंडार से डिमरी पंचायत प्रतिनिधियों के सुपुर्द किया। उसके बाद श्रीनृसिंह मंदिर, वासुदेव मंदिर में पूजा अर्चना के बाद डिमरी पंचायत और मंदिर समिति के अधिकारी गाडूघड़ा के साथ योग बदरी पांडुकेश्वर पहुंचा।

बताया, यहां पर केरल के नंबूदरी संप्रदाय के श्रीबदरीनाथ धाम के मुख्य पुजारी रावल ईश्वर प्रसाद नंबूदरी ने पूजा-अर्चना संपन्न की। बताया, इससे पहले कुबेर देवरा समिति ने फूलमालाओं से उनका भव्य स्वागत किया‌, जबकि बीकेटीसी उपाध्यक्ष किशोर पंवार ने गाडूघड़ा और डिमरी पंचायत प्रतिनिधियों की अगवानी की।

ये रहे मौजूद

ब्रिगेडियर एमएस ढिल्लन, बीकेटीसी के उपाध्यक्ष किशोर पंवार, श्रीमद्भागवत कथा व्यास आचार्य भुवन चंद्र उनियाल, कुबेर देवरा समिति के अनूप भंडारी, राजेश मेहता, प्रधान बबीता पंवार, डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत प्रतिनिधि सुरेश डिमरी, ज्योतिष डिमरी, मंदिर समिति के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी गिरीश चौहान, मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी बिजेंद्र बिष्ट, प्रशासनिक अधिकारी कुलदीप भट्ट, विवेक थपलियाल,‌ लेखाकार भूपेंद्र रावत, जगमोहन बर्त्वाल, जेई गिरीश रावत, श्री नृसिंह मंदिर प्रभारी संदीप कपरवाण, संदेश मेहता, पुजारी हनुमान प्रसाद डिमरी, परमेश्वर डिमरी, भगवती सेमवाल, नवीन भंडारी और दिनेश भट्ट।

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