केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भारत तिब्बत सीमा पुलिस के स्थापना दिवस पर बोले
बेबाक दुनिया ब्यूरो
देहरादून। भारत चीन सीमा पर सुरक्षा के लिए केंद्र की मोदी सरकार बेहद संजीदा है। इसके लिए जवानों के रहने की सुविधाओं को भी लगातार बेहतर बनाने का काम सरकार द्वारा किया जा रहा है।
उपरोक्त बात शुक्रवार को भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के स्थापना दिवस पर बतौर मुख्य अतिथि सीमा द्वार पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोगों को संबोधित करते हुए कही। कहा, आंतरिक सुरक्षा में देश की स्थिति पिछले 9 साल से बहुत ही मजबूत हुई है। देश के जो तीन सबसे हॉटस्पॉट थे, उनमें भी अब घटनाओं और मौत के मामले में बहुत कमी आई है।
इस दौरान उन्होंने कश्मीर से धारा 370 हटाने का जिक्र करते हुए कहा, इसके बाद से लगातार हालात में सुधार हो रहे हैं। कहा, सीमांत गांव अगर खाली हो गए तो सरहदों की रक्षा करना बहुत बड़ी चुनौती हो जाएगी। कहा, इसके लिए जरूरी है कि देश के इन प्रथम गांव में विश्व स्तरीय सुविधाएं मुहैया कराई जाएं।
गृहमंत्री शाह ने इसके लिए वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत स्थापना विकास के लिए आईटीबीपी को नोडल एजेंसी बनाने की भी बात कही। उन्होंने जवानों से कहा, आप देश की सीमाओं की चिंता करें, मोदी सरकार आपके परिवार की चिंता करने के लिए है। कहा, वाइब्रेट विलेज योजना का उद्देश्य सीमा पर मौजूद गांव का विकास करना है, ताकि यहां से लोगों का पलायन न हो सके और लोग गांव में ही सभी सुविधाओं को हासिल कर सकें।
कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सीमा पर बसे हर गांव को प्रथम गांव ही मानते हैं। उन्होंने चुटकी ली कि इससे पहले इन गांवों को अंतिम गांव की संज्ञा देकर उनके विकास के बारे में कभी सोचा ही नहीं गया था और न ही सोचने की जहमत ही उठाई जाती थी। उन्होंने उत्तर पूर्व और नक्सली इलाकों में सुधार कर जिक्र करते हुए कहा, पिछले नौ सालों से इन जगहों पर लगातार हालात में सुधार हो रहे हैं।
केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा, भारत सरकार 2014 से पहले सीमा पर अवस्थापना ढांचे पर केवल 4000 करोड़ रुपये ही सालाना खर्च करती थी, लेकिन अब मोदी सरकार ने यह बजट 12,340 करोड़ रुपये कर दिया है। केंद्रीय मंत्री ने कहा, सैनिकों के लिए रेल और हवाई यात्रा टिकट रिजर्वेशन का कोटा लागू करने की मंजूरी मिल गई है।
शाह ने कहा, जब भी चीन सीमा की बात होती तो मैं यह सोचकर चैन की नींद सो जाता हूं कि आईटीबीपी के जवान सरहद की सुरक्षा समेत देश की सुरक्षा में खड़े हैं। सीमा सुरक्षा में सबसे अच्छा काम आईटीबीपी कर रही है। कहा, आईटीबीपी की सात नई बटालियन और एक सेक्टर हेड क्वार्टर को मंजूरी दी गई है, जिसमें से चार बटालियन की स्थापना भी हो गई है। कहा, इसी के तहत अब तक पांच हजार जवानों की भर्ती पूरी की जा चुकी है। उन्होंने दिवाली की शुभकामनाएं देते हुए कहा, हर देशवासी दिवाली पर दीया जलाते समय ध्यान रखें कि एक दीया सैनिकों के लिए भी जरूर जलाएं।
इससे पूर्व केंद्रीय गृहमंत्री ने सबसे पहले शहीद स्मारक पहुंचकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की, फिर परेड की सलामी ली। परेड की सलामी के बाद उन्होंने पदक विजेताओं को भी सम्मानित किया। इस मौके पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, आईटीबीपी के महानिदेशक अनीश दयाल सिंह, स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत, कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल, गणेश जोशी, सुबोध उनियाल, सौरभ बहुगुणा और देहरादून के मेयर सुनील उनियाल गामा आदि भी मौजूद थे।
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