राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने शासन से एक हफ्ते में जांच कर रिपोर्ट मांगी है
बेबाक दुनिया डेस्क
नई दिल्ली। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के एक चिल्ड्रन होम पर दो दिन पूर्व राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की टीम ने जब निरीक्षण किया, तो होम से 26 किशोरियां गायब मिली। आयोग ने शासन से मामले में जांच कर एक हफ्ते में रिपोर्ट तलब की है। उधर, मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने अवैध संस्थानों के ख़िलाफ़ कार्रवाई का आदेश देते हुए कहा, सभी लड़कियां सुरक्षित हैं।
चिल्ड्रन होम से गायब होने वाली किशोरियां मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा, बालाघाट, विदिशा सहित राजस्थान, झारखंड और गुजरात की हैं। चिल्ड्रन होम में कुल 68 किशोरियां थी, जिनमें निरीक्षण के दौरान 26 किशोरियां नदारद मिली। चेकिंग का दौरान चिल्ड्रन होम संचालक किशोरियों के बाबत आयोग की टीम को कोई जानकारी नहीं दे सके और न ही कोई रिकॉर्ड यहां पर मिला। इसके अलावा चिल्ड्रन होम का कोई रजिस्ट्रेशन भी नहीं है।
पूरे मामले में बाल आयोग ने मध्य प्रदेश की मुख्य सचिव से एक हफ्ते में जांच कर रिपोर्ट मांगी है। उधर, 26 किशोरियों के गायब होने की कोई जानकारी जिला प्रशासन तक को भी नहीं लगी। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने बताया, आयोग की टीम के केंद्र के निरीक्षण के दौरान मामले का खुलासा हुआ है।
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