बेबाक दुनिया ब्यूरो
देहरादून। भगवान श्रीराम के पूज्य स्थल और भगवान शिव के द्वादश ज्योतिर्लिंगम में से एक रामेश्वरम में मसूरी से आए जगद्गुरु आर्यमजी महाराज के सानिध्य में अग्निहोत्रम विशेष अनुष्ठान किया गया, जिसमें देश-विदेश से आए सैकड़ों शिष्यों ने भागेदारी की।






आर्यम इंटरनेशनल फ़ाउंडेशन भारत के भगवान शंकर आश्रम एवं शक्ति संधान पीठ मसूरी के मुख्य अधिष्ठाता जगद्ग़ुरु प्रोफ़ेसर पुष्पेंद्र कुमार आर्यम महाराज के आह्वान पर शनिवार को माघी पूर्णिमा पर रामेश्वरम धाम में भव्य एवं दिव्य अनुष्ठान आयोजित हुआ। आर्यम महाराज ने कहा, इसी भूमि पर भगवान श्रीराम ने लंका विजय से पूर्व ज्योतिर्लिंगम की प्रतिष्ठा की थी, जिससे उन्हें विजय प्राप्त हुई। कहा, आज के इस अनुष्ठान को बाधामुक्ति, विजय सूत्रम् और सुखी समृद्ध जीवन के लिए दुर्लभ मंत्रों से अनुष्ठान करवाया गया।




ट्रस्ट की अधिशासी प्रवक्ता मां यामिनीश्री ने बताया, गुरुदेव आर्यम महाराज के ऐसे दिव्य स्थान को अग्निहोत्र चयनित से देश विदेश से हिंदू मूल और गुरुदेव के दीक्षित शिष्यों ने अपने कुल कुटुंब में प्रथम बार ज्योतिर्लिंगम की दर्शन किए। बताया, ऐसे दिव्य स्थानों पर गुरुदेव आर्यम आगामी वर्ष में आलोकिक अनुष्ठान करेंगे। कहा, रामेश्वरम धाम में अभिषेक बहुत हुए हैं, किंतु अग्निहोत्र में शामिल होने से शिव की विशेष के कृपा के पात्र बनते हैं।
कहा, कई जन्मों के पुण्य व्यक्ति को रामेश्वरम के महा दर्शन का सौभाग्य प्रदान करते हैं। बताया, ज्योतिर्लिंगम के समक्ष स्थित सीताराम आश्रम में आयोजित समारोह में लगभग 200 भक्तों और आर्यम शिष्यों ने भाग लिया। इस मौके पर गुरुदेव ने संत रविदास जयंती पर भी संत का पुण्य स्मरण कर उनके आध्यात्मिक योगदान पर भी प्रकाश डाला।
ये रहे मौजूद
संयोजक राज रतन, श्वेता जायसवाल, हर्षिता आर्यम, अविनाश जायसवाल, प्रीतेश आर्य, सुनील आर्य, प्रविंद्र, शालिनी शर्मा, गौरव स्वामी, रवि शर्मा, सऊदी अरब से सोनिया और अजीत कुंदन आदि।
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