श्रमिक पुष्कर के दिल में था जन्मजात छेद, सीटीवीएस विभाग ने की ओपन हार्ट सर्जरी
बेबाक दुनिया ब्यूरो
देहरादून। उत्तरकाशी के सिलक्यारा सुरंग हादसे में पिछले साल फंसे 41 श्रमिकों को 17 दिन बाद सही सलामत निकाले जाने के बाद सभी का ऋषिकेश के एम्स में मेडिकल जांच की गई थी, जिसमें एक श्रमिक के दिल में छेद निकला था, जिसका हाल ही में एम्स में ओपन हार्ट सर्जरी कर नया जीवन दिया गया।

कुमाऊं मंडल के पुष्कर (24) रोजगार की तलाश में चंपावत से उत्तरकाशी पहुंचा तो उसे नहीं मालूम था कि उसके दिल में छेद है। उत्तरकाशी के सिलक्यारा टनल हादसे में फंसे इस श्रमिक को भी हेलीकाॅप्टर से एम्स पहुंचाया गया था। पुष्कर के दिल में छेद होने का पता चलने पर एम्स के डाक्टरों ने ओपन हार्ट सर्जरी करने का निर्णय लिया। एक सप्ताह पूर्व उसकी सर्जरी कर दी गई। पुष्कर अब स्वस्थ है और पांच जनवरी को डिस्चार्ज कर दिया गया।
पिछले वर्ष नवंबर में उत्तरकाशी के सिलक्यारा टनल हादसे में फंसे श्रमिकों में चंपावत जिले का पुष्कर सिंह भी शामिल था। 29 नवंबर को सभी श्रमिकों को रेस्क्यू कर जब एम्स ऋषिकेश पहुंचाया गया तो अन्य श्रमिकों की भांति ही पुष्कर के स्वास्थ्य की भी चिकित्सकों ने जांच की थी। ईको कार्डियोग्राफी करते समय कार्डियोलाॅजिस्ट डाॅ. वरुण कुमार ने पाया कि पुष्कर के दिल में छेद है। यह समस्या जन्मजात रोग के रूप में थी, पर पुष्कर इससे अनजान था।
डाॅ. वरुण ने यह जानकारी सीटीवीएस विभाग के वरिष्ठ सर्जन डाॅ. अंशुमान दरबारी से साझा किया। इसके बाद पुष्कर के दिल की ओपन हार्ट सर्जरी की गई, जो पूरी तरह से सफल रही। एम्स के हार्ट एवं लंग्स सर्जरी (सीटीवीएस) विभाग के वरिष्ठ सर्जन डाॅ. अंशुमान दरबारी ने बताया, यदि पुष्कर एम्स नहीं पहुंचता तो शायद उसे पता नहीं चल पाता कि उसके दिल में छेद है।
बताया, जब एक दिसंबर को श्रमिकों को एम्स से डिस्चार्ज किया जा रहा था, तो उस समय पुष्कर शारीरिक और मानसिक तौर से सर्जरी करवाने के लिए सक्षम नहीं था, इसलिए उसे दोबारा एम्स बुलाया गया। उसकी सर्जरी 28 दिसंबर को की गई। सर्जरी करने वाली टीम में सीटीवीएस विभाग के सर्जन डाॅ. दरबारी के अलावा डाॅ. अविनाश, डाॅ. अंकित अग्रवाल और डा. पूजा आहूजा आदि शामिल थे।
सीएम धामी भी ले रहे थे अपडेट
कुमाऊं मंडल के चंपावत जिले के टनकपुर क्षेत्र के रहने वाले पुष्कर सिंह के इलाज के मामले में एम्स निदेशक प्रो. मीनू सिंह ने बताया, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी लगातार पुष्कर के स्वास्थ्य की अपडेट लगातार ले रहे थे। बताया, संपूर्ण इलाज राज्य सरकार की अटल आयुष्मान स्वास्थ्य योजना के तहत निशुल्क हुआ है। बताया, एम्स ऋषिकेश राज्य में अकेला ऐसा सरकारी स्वास्थ्य संस्थान है, जहां आयुष्मान योजना के तहत हार्ट और लंग्स सर्जरी की सुविधा उपलब्ध है।
ऐसे एक हजार से अधिक लोगों की हो चुकी सर्जरी
एम्स का सीटीवीएस विभाग वर्ष 2017 में अस्तित्व में आया था। तब से वर्तमान तक विभाग के सर्जन चिकित्सकों द्वारा छोटे-बड़े सभी प्रकार के उम्र के एक हजार से अधिक लोगों के दिल और फेफड़े के कई मरीजों की सर्जरी की जा चुकी है। डाॅ. दरबारी ने बताया, अच्छी जांचों से सभी उम्र के लोगों में हृदय रोगों के जल्दी पता लगने और गर्भावस्था के दौरान बच्चों के दिल का विकास ढंग से न होने से दिल में छेद के मामले लगातार मालूम हो रहे हैं और उनका समय रहते इलाज की सुविधा यहां उपलब्ध है।
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