January 16, 2026

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‘हिमाचल की तर्ज पर भू-कानून लागू हो’

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बोले मूल निवास, भू-कानून समन्वय संघर्ष समिति के पदाधिकारी, कहा- मैदान और पहाड़ को बांटने वाले नहीं होंगे कामयाब

बेबाक दुनिया ब्यूरो

देहरादून। मूल निवास, भू-कानून समन्वय संघर्ष समिति ने हरिद्वार में बुधवार को सामाजिक संगठनों, राजनीतिक दलों, पूर्व सैनिकों और राज्य आंदोलनकारियों संग बैठक कर जहां अग्रिम रणनीति पर चर्चा की, वहीं आरोप लगाया कि कुछ लोग पहाड़ और मैदान को बांटने का षड्यंत्र कर रहे हैं।

समन्वय संघर्ष समिति के संयोजक मोहित डिमरी और सह संयोजक लुशुन टोडरिया ने कहा, मूल निवास स्वाभिमान आंदोलन को जन-जन तक पहुंचाने का अभियान जारी है। कहा, जब तक उत्तराखंड में हिमाचल की तर्ज पर सशक्त भू कानून और मूल निवास 1950 लागू नहीं हो जाता, यह आंदोलन जारी रहेगा। कहा, पहाड़ हो या मैदान, सभी मूल निवासी इस लड़ाई में साथ है।

कहा, यह लड़ाई हमारे अस्तित्व, अस्मिता, स्वाभिमान और अपनी सांस्कृतिक पहचान बचाने का है। हमारे संसाधनों को बाहरी लोग डाका डाल रहे हैं। कहा, संविधान में मूल निवास की कट ऑफ डेट 1950 है। हम संविधान की भावना के अनुरूप ही हक की बात कर रहे हैं। कहा, हमारी लड़ाई उनके खिलाफ़ है, जो अपने मूल राज्य में मूल निवास प्रमाणपत्र का लाभ ले रहे और उत्तराखंड में स्थाई निवास बनाकर लाभ रहे हैं।

कहा, बड़ी संख्या में लोग ऐसे भी हैं, जिन्होंने फर्जी स्थाई निवास बनाए हैं और वे लोग यहां नौकरी कर रहे हैं। पहाड़ के साथ मैदान में रहने वाले लोगों का भी हक़ बाहर के लोग मार रहे हैं। मैदान के मूल निवासी इस बात को समझते हैं। कहा, नौकरियों से लेकर जल, जंगल, जमीन पर बाहरी लोग कब्जा कर चुके हैं। हमें अपना भविष्य सुरक्षित करने के लिए इस लड़ाई को लड़ना ही होगा।

पूर्व ब्लॉक प्रमुख पोखड़ा सुरेंद्र रावत ने कहा, आज हमारी जमीनों पर भू-माफिया का कब्जा होता जा रहा है। हमारे लोग बाहर के लोगों के रिजॉर्ट में नौकर बनने के लिए मजबूर हो गए हैं। सरकार ने भू कानून इतना लचर बनाया है कि कोई भी हमारे राज्य में बेतहाशा जमीन खरीद सकता है। तरुण व्यास, महादेव पंवार, चंद्रकिशोर लेखवार, डॉ अजय नेगी, बलवीर सिंह रावत ने कहा, जब हमारी जमीन बचेगी, तभी हमारा ज़मीर भी बच पायेगा।

कहा, हम सभी को एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए लड़ना है। आज हम लोग नहीं लड़े तो आने वाले समय में हम लोग अल्पसंख्यक हो जाएंगे और बाहरी ताकतें हम पर राज करेंगी। कहा, हमें अपनी पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए संघर्ष करना है। जनांदोलन हर गांव, हर शहर में पहुंचना जरूरी है।

इस मौके पर राज्य आंदोलनकारी सतीश जोशी, योगेंद्र नेगी, दीपक पांडे, मनोज रावत, श्याम भट्ट, रजत कंडवाल, विनोद शर्मा, नंदकिशोर लेखवार, राज कंडवाल, उपेंद्र भंडारी, विनोद चौहान, मनेंद्र पुनेठा, धीरेंद्र सिंह रावत ने भी संबोधित किया।

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