मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रुद्रप्रयाग में ब्वै, ब्वारी, नौनी कौथिग के दौरान साझा की बचपन की यादें
बेबाक दुनिया ब्यूरो
देहरादून। रविवार को रुद्रप्रयाग जिले में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शक्ति वंदन महोत्सव में शामिल हुए और ब्वै, ब्वारी, नौनी कौथिग के दौरान कई महिला समूहों के साथ क्रियाकलाप कर स्थानीय संस्कृति को जाना।
सीएम केदारनाथ धाम में एनआरएलएम के तहत काली माता स्वयं सहायता समूह एवं देवी धार स्वयं सहायता समूह के साथ महाप्रसाद बनाते हुए अपने बचपन की यादें साझा करते हुए कहा, उन्होंने बचपन में घर के कार्यों में खूब हाथ बटाया। पर्वों के समय अपनी मां के साथ स्थानीय पकवान बनाने में सहयोग करते थे। इतना ही नहीं सिलबट्टे पर कई बार मां के साथ मिलकर नमक भी पीसा है।






कहा, आटा गूंथने से लेकर जंगल में घास काटने तक में हाथ बटाया। धामी ने महिलाओं से सरकार की महाप्रसाद योजना से जुड़ने के बाद आजीविका में हुए बदलाव की जानकारी भी ली। रूरल बिजनेस इंक्यूबेटर की ओर से लगे स्टॉल पर शिल्पकार उद्यमियों और स्वास्तिक स्वयं सहायता की महिलाओं संग मिलकर स्टोन पेंटिंग कर संस्था की जानकारी ली। इसके अलावा उन्नति क्लस्टर संगठन, कालीमठ कोटमा की महिलाओं के स्टॉल पर कताई एवं बुनाई की।
संगठन अध्यक्ष सरिता देवी ने उन्हें हाथकरघा की पूरी विधि बताते हुए संगठन की जानकारी दी। उन्होंने समूह के उत्पादों की सराहना करते हुए केदारनाथ धाम एवं यात्रा मार्ग पर भी आउटलेट खोलने एवं पारंपरिक तरीके से बन रहे दोखे, शौल, टोपी आदि का खूब प्रचार करने को कहा। केदारनाथ यात्रा से जुड़ी कई महिला समूहों ने पिछले वर्ष यात्रा के दौरान 70 लाख रुपये से ज्यादा का व्यापार किया था। अकेले चोलाई के प्रसाद से लगभग 65 लाख रुपये का व्यवसाय हुआ था।





इसके अलावा स्थानीय हर्बल धूप, चूरमा, बेलपत्री, शहद, जूट एवं रेशम के बैग आदि से पांच लाख रुपये की कमाई की। कई महिला समूहों से जुड़ी 500 से ज्यादा महिलाओं को रोजगार भी मिला। जिला प्रशासन रुद्रप्रयाग ने आगामी यात्रा में दो करोड़ रुपये का प्रसाद बेचने का लक्ष्य रखा है।
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