बीस से ज्यादा प्रस्ताव पर पास, विधानसभा के पटल में आएगा क्षैतिज आरक्षण बिल
बेबाक दुनिया ब्यूरो
देहरादून। उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी की सरकार की शुक्रवार को हुई कैबिनेट की बैठक में 20 से ज्यादा प्रस्तावों पर मुहर लगी। इनमें सबसे अहम प्रस्ताव राज्य आंदोलनकारी क्षैतिज आरक्षण बिल था, जिसको कैबिनेट ने मंजूरी प्रदान की। अब यह बिल विधान सभा के पटल पर आएगा, जो 2004 से लागू होगा।
विधेयक के मुताबिक, उत्तराखंड राज्य आंदोलनकरियों को सरकारी नौकरियों में 10 फीसदी आरक्षण मिलेगा। कैबिनेट में हुए फैसलों की जानकारी देते हुए कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने बताया कि बैठक में करीब 20 अहम प्रस्ताव आए, जिन पर कैबिनेट ने अपनी मंजूरी प्रदान की।
बताया, सरकारी और निजी विश्वविद्यालय के लिए अंब्रेला एक्ट आएगा, जिसमें राज्य के छात्र-छात्राओं के लिए 25% सीट एवं फीस में छूट प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही समूह ग और घ के पद भी राज्य से भरे जाएंगे, इस विधेयक को भी कैबिनेट ने मंजूरी प्रदान की।
बताया कि अप्रचलित विधेयकों को निरस्त करने के लिए विधानसभा में निरसन विधेयक को पेश करने की भी कैबिनेट ने मंजूरी दी है। कैबिनेट की मंजूरी के बाद अब संविदा तदर्थ नियत वेतन आउटसोर्स कर्मचारी को भी मिलेगा। इसके अलावा बाल अवकाश, प्रसूति अवकाश और पितृत्व अवकाश भी मिलेगा।
इसके अलावा प्रदेश की आयुष नीति को मंजूरी प्रदान की गई है। साथ ही रामनगर के स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट के ढांचे को भी मंजूरी प्रदान की गई है।उनियाल के मुताबिक, देहरादून के इंदिरा मार्केट के रिडेवलपमेंट परियोजना को भी मंजूरी प्रदान की गई है। वहीं, उत्तराखंड माल एवं सेवा कर संशोधन विधेयक, पब्लिक डेब्ट एक्ट को मंजूरी और आपदा प्रबंधन विभाग में 148 पदों पर भर्ती को भी मंजूरी दी गई है।
इसके अलावा भर्ती में चयनित एकल पदों के लिए 25 फीसदी प्रतीक्षा सूची बनाई जाएगी। कैबिनेट ने प्रदेश के अनुपूरक बजट को भी मंजूरी प्रदान कर दी है।
![]()

More Stories
ग्यारहवें ज्योर्तिलिंग बाबा केदार के कपाट खुले
गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट अक्षय तृतीया पर खुले
दून-सहारनपुर-मोहण्ड @ टनल रेल लाइन की गुजारिश