पौड़ी गढ़वाल में वनाग्नि की चपेट में आने से बुरी तरह झुलसी बुजुर्ग महिला की ऋषिकेश एम्स में हुई मौत
लैंसडौन छावनी का वन क्षेत्र धधका, आग की चपेट में आई कार धू धू कर जली, आबादी क्षेत्र भी आने लगे चपेट में
बेबाक दुनिया ब्यूरो
देहरादून। वैसे तो गढ़वाल मंडल में वनों की आग जहां थमने का नाम नहीं ले रही, वहीं पौड़ी जिले में कुछ ज्यादा ही आग कहर ढा रही है। यहां आग की चपेट में आने से जहां एक 65 वर्षीय महिला की मौत हो गई, वहीं लैंसडौन छावनी का वन क्षेत्र फिर धधक उठा। आग की चपेट में यहां एक कार धू धू कर जल गई, जबकि आबादी क्षेत्र में बढ़ रही आग को काबू में किया गया। उधर, अब शासन-प्रशासन को बारिश ही एक आस बची है।




बीते शनिवार को पौड़ी तहसील क्षेत्र के बनगढ़स्यूं-2 के थापली गांव के जंगलों में लगी आग खेतों तक पहुंच गई। घर से करीब 100 मीटर की दूरी पर आग को आते देख महिला सावित्री देवी (65) घास को जलने से बचाने के लिए पहुंची और आग से घास को बचाने की कवायद शुरू की। इस दौरान महिला भी आग से घिरकर बुरी तरह से झुलस गई। इस बीच पहुंचे परिजन उसे जिला अस्पताल लाए, जहां उसकी गंभीर हालत को देखकर चिकित्सकों ने ऋषिकेश एम्स रेफर कर दिया।
उधर, पौड़ी जिला मुख्यालय पौड़ी के नागदेव रेंज में भी जंगल में भीषण आग लग गई, जिससे आसपास धुंध छाई हुई है। आग बुझाने में जुटे वनकर्मियों को धुंध से सांस लेने में परेशानी झेलनी पड़ी। वही, रविवार को लैंसडौन छावनी का वन क्षेत्र फिर धधक उठा। यहां आग की चपेट में आकर एक कार जल गई। छावनी क्षेत्र के अंतर्गत बीआरओ, चर्च, टिप इन टॉप,16 नंबर बंगला के जंगलों में लगी आग पर काबू पाने के लिए वन कर्मियों के पसीने छूट रहे हैं।
वहीं, कर्णप्रयाग के आटागाड रेंज के ऑफिस के चारों ओर लगी भीषण आग से रेंज का ऑफिस घिर गया है। आग बुझाने के प्रयास किए जा रहे, लेकिन आग पर काबू पाना मुश्किल हो रहा है। थराली क्षेत्र में चीड़ के जंगल में लगी आग की सूचना पर मौके पर पहुंची थराली पुलिस ने लोगों के साथ मिलकर बुझाई।




उत्तरकाशी में हल्की बारिश, आग पर काबू की बढ़ी आस
उत्तरकाशी जिला मुख्यालय समेत आसपास के क्षेत्र में सोमवार को दोपहर बाद से हल्की बारिश शुरू होने से जहां गर्मी से राहत मिलने के साथ जंगलों में लगी आग के बुझने की उम्मीद भी बढ़ गई है, वहीं यमुनोत्री धाम सहित आसपास खरशालीगांव,जानकीचट्टी, नारायण पुरी, फूलचट्टी क्षेत्र में झमाझम बारिश के साथ बादलों की तेज़ गर्जना के साथ आंधी चलनी शुरू हो गई है, जिससे उम्मीद है कि जंगलों की आग में भी काबू पा लिया जाएगा।
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