February 2, 2026

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बाबा केदार, यमुनोत्री और गंगोत्री के खुले कपाट

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केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के दिन 29,030 श्रद्धालुओं ने किए दर्शन, बना रिकॉर्ड

कपाट खुलते ही पहले दिन तीनों धामों में कुल 44,000 से ज्यादा श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

भगवान केदारनाथ के कपाट खुलने के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी धाम में रहे मौजूद

भगवान बदरीविशाल के कपाट 12 मई को खोले जाएंगे, इसके साथ ही चारधाम यात्रा की विधिवत शुरुआत होगी

बेबाक दुनिया ब्यूरो

देहरादून। अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर 10 मई को चार धामों में से तीन धामों केदारनाथ, यमुनोत्री और गंगोत्री के कपाट पूरे विधिविधान और वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में खोल दिए गए। एक धाम भगवान बदरीविशाल के कपाट 12 मई को खोले जाएंगे। इसके बाद से चार धाम यात्रा पूर्णता को प्राप्त कर लेगी।

भगवान आशुतोष के द्वादश ज्योतिर्लिंगों में एक केदारनाथ धाम के कपाट शुक्रवार को सुबह सात बजे श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए। इस मौके पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और उनकी पत्नी गीता धामी सहित कई गणमान्य लोगों ने बाबा केदार के दर्शन किए। इस दौरान हजारों श्रद्धालु कपाटोद्घाटन के साक्षी भी बने। कपाट खुलते के पहले दिन ही बाबा केदार की यात्रा में नया अध्याय भी उस समय जुड़ गया, जब कपाट खुलने के दिन 29,030 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए।

यह पहला मौका है, जब कपाट खुलने के दिन इतनी संख्या में श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन किए हैं। उधर, शुक्रवार सुबह 6.30 बजे केदारनाथ धाम के रावल भीमाशंकर लिंग, धाम के मुख्य पुजारी शिवशंकर लिंग मंदिर में पहुंचे। रावल ने घोषणा की कि भगवान केदारनाथ छह माह के लिए अपने धाम में विराजमान हो गए हैं। अब, बाबा के भक्त छह माह तक आराध्य के दर्शन और पूजा-अर्चना धाम में करेंगे। उन्होंने भगवान केदारनाथ से देवभूमि उत्तराखंड और समस्त भारतवर्ष की सुख-समृद्धि की कामना की।

इसके बाद ठीक सात बजे शुभलग्न में भगवान केदारनाथ धाम के कपाट खोले गए। इस मौके पर पूरा केदारनाथ क्षेत्र बाबा के जयकारों से गूंज उठा। मुख्य पुजारी शिवशंकर लिंग ने बाबा केदार को समाधि रूप से जागृत किया और पूजा करते हुए अन्य परंपराओं का निर्वहन किया। इसके बाद बाबा केदार के दर्शनों के लिए भक्तों का हुजूम उमड़ पड़ा।

सुबह डोली के पहुंचने के बाद यमुनोत्री धाम के खोले गए कपाट

चारधामों में प्रथम यमुनोत्री धाम के कपाट अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल ​दिए गए। शीतकालीन पड़ाव खरसाली से ढोल-दमाऊ की थाप और पहली बार होमगार्ड के बैंड की धुन के साथ सुबह सवा छह बजे मां यमुना की डोली धाम के लिए रवाना हुई। धाम पहुंचते ही मां यमुना की विशेष पूजा अर्चना के बाद वि​धिविधान के साथ शुभ मुहूर्त में सुबह 10:29 बजे कपाट खोले गए। इस मौके पर बड़ी संख्या में धाम पहुंचे श्रद्धालुओं ने यमुना मां के दर्शन कर सुख-समृद्धि के लिए मनौतियां मांगी।

यमुनोत्री धाम में बर्फबारी

शुक्रवार को कपाट खुलने के दौरान ही यमुनोत्री धाम सहित आसपास की चोटियों सप्त ऋषि कुंड, बंदरपूंछ, कालिंदी पर्वत गरुड़ गंगा टाप बर्फबारी शुरू हो गई। इस दौरान यमुनोत्री धाम पहुंचे श्रद्धालुओं ने बर्फबारी को नजदीक से देखा और मां के दर्शनों के साथ ही बर्फबारी का भी लुत्फ उठाया।

गंगोत्री धाम के भी कपाट खुले, भक्तों का लगा तांता

गंगोत्री धाम के कपाट भी 10 मई को शुभ मुहूर्त में दोपहर 12:25 बजे श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए। इससे पूर्व गंगोत्री मंदिर के पुजारियों ने मां गंगा की पूरे विधि विधान से पूजा अर्चना और वैदिक मंत्रोच्चारण के बाद धाम के कपाट खोले। इस दौरान गंगोत्री मंदिर प्रांगण में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। उधर, कपाट खुलने के पहले तीनों धामों को गेंदे समेत अन्य फूलों से सजाया गया था।

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