बेबाक दुनिया डेस्क
नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले में कोकरनाग के गडूल के जंगल में आतंकियों के साथ मुठभेड़ में दो सैन्य अफसरों और एक पुलिस अफसर के बलिदान होने के बाद आतंकियों के सफाए के लिए शुक्रवार को सेना ने अपना घेरा और सख्त कर दिया है।
तीन अधिकारियों के बलिदान होने के बाद सेना, पैरा कमांडो, अर्धसैनिक बल और पुलिस जवानों के साथ गडूल के जंगल में अपने अभियान को और तेज कर दिया है। शुक्रवार को सेना ने पैरा कमांडो के साथ जंगल को चारों तरफ से घेरकर शिकंजा और कड़ा कर दिया है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आतंकियों के सफाए के लिए हेलीकॉप्टर, ड्रोन, रॉकेट लांचर और मोटार का भी सुरक्षा बल इस्तेमाल कर रहे हैं। उधर, सुरक्षा बलों के घेरा कसने के बाद आतंकियों की तरफ से कोई गोलीबारी नहीं हो रही, लेकिन सेना जरूर गोलाबारी जारी रखे हुए है।
बताया जाता है कि जिस इलाके में आतंकियों के छिपे होने की सूचना मिली थी, वह पूरा इलाका घने जंगलों के बीच में है और सीधी पहाड़ियों वाला भी हैं।
शुक्रवार को जिस जगह आतंकियों की छिपे होने की आशंका है, वहां पर ड्रोन के जरिए भी सेना ने बम गिराए। पुलिस सूत्रों का कहना है कि शुक्रवार को दिनभर इलाके से गोलियों की आवाज सुनाई पड़ रही थी। सूत्रों को कहना है कि आतंकियों की ओर से गोलीबारी तकरीबन बंद बताई जा रही है।
उधर, पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह शुक्रवार को दोपहर कोकरनाग पहुंचे और आतंकियों के खिलाफ मोर्चा संभालते हुए अभियान चला रहे पुलिस और सेना के अधिकारियों से कार्रवाई के बाबत जानकारी ली।
डीजीपी का कहना है कि 10 टीमों ने पूरे जंगल को घेर रखा है। कहा, अभी तक आतंकवादी इस जंगल से निकलने में कामयाब नहीं हुए हैं। कहा, आतंकियों का सफाया करके ही अभियान रोका जाएगा। इस दौरान उन्होंने सेना और पुलिस के जवानों का मनोबल भी बढ़ाया और जानकारियां हासिल की।
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