बेबाक दुनिया ब्यूरो
देहरादून। उत्तराखंड में सरकार जंगली सूअरों से निपटने के लिए मिशन लोमड़ी और बंदरों से निजात दिलाने को मिशन बंध्याकरण शुरू करेगी। पूरे प्रदेश में 50 हजार बंदरों का बंध्याकरण करने का लक्ष्य है और अब तक नौ हजार बंदरों का बंध्याकरण किया जा चुका है।
उपरोक्त बात शुक्रवार को विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान सदस्यों के सवाल के जवाब में प्रदेश के वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कही। उनियाल से मुखातिब होते हुए विधायक मनोज तिवारी ने पूछा था कि जंगली जानवर, आवारा पशु की वजह से किसान परेशान हैं। जंगली सूअर किसानों के लिए सरदर्द बन गए। खेती
चौपट हो गई। बंदरों का आतंक पूरे प्रदेश में है। शहरों में आवारा कुत्तों की संख्या बढ़ गई है।
कहा, पशु कल्याण बोर्ड ने जिन संस्था को बंदर और कुत्ते पकड़ने के लिए अधिकृत किया है, वह छोटे निकायों में नहीं आती। वहीं, कांग्रेस विधायक प्रीतम सिंह ने कहा, सरकार किसानों को आत्मनिर्भर बनाने का दावा करती है, लेकिन कोई काम नजर नहीं आ रहा।
कहा, पहाड़ हो या मैदान, कहीं भी खेती जंगली जानवरों से सुरक्षित नहीं है। इस सवाल पर वन मंत्री ने ये बात कही। मंत्री ने कहा, वन दरोगा को जंगली सूअर को मारने के लिए अधिकृत किया गया है।
उनियाल ने कहा, पूरे प्रदेश में एंटी रैबीज की कहीं कमी होगी तो तत्काल सीएमओ से संपर्क करें। सरकार कहीं भी कमी नहीं होने देगी। कहा, गुलदार के हमलों की चिंता सरकार को है।
कहा, सरकार इन्हें मारने की इजाजत देने में समय लगाती है, क्योंकि वाइल्डलाइफ प्रोटेक्शन एक्ट में लिखा हुआ है कि जब तक चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन इस बात पर सहमत न हो कि उसको पकड़ा नहीं जा सकता, तब तक मारने का आदेश नहीं दिया जा सकता है। बताया, राज्य में करीब दो लाख बंदर हैं।
![]()

More Stories
ग्यारहवें ज्योर्तिलिंग बाबा केदार के कपाट खुले
गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट अक्षय तृतीया पर खुले
दून-सहारनपुर-मोहण्ड @ टनल रेल लाइन की गुजारिश