April 30, 2026

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विस सत्र : सदन में सदस्यों ने बिजली का मुद्दा उठा यूपी से बदतर बताया

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विधायक गोपाल राणा बोले, ऊर्जा प्रदेश के हालात बद से बदतर

आठ से 12 घंटे अघोषित बिजली कटौती की जा रही : अनुपमा रावत

बेबाक दुनिया ब्यूरो

देहरादून। सदन में बिजली कटौती पर चर्चा के दौरान प्रदेश में की जा रही बिजली कटौती पर विपक्षी विधायकों ने बद से बदतर बताते हुए यूपी से भी खराब स्थित बताई गई।

विधायक गोपाल सिंह राणा ने आरोप लगाया कि ऊर्जा प्रदेश के हालात बदतर हैं। जरा सी हवा में छह-सात दिन बिजली गुल रहती है। लोहे की तारों से बिजली आपूर्ति की जा रही है। इस मामले में यूपी से बदतर हालात हो गए हैं। नानकमत्ता में सब स्टेशन निर्माण की घोषणा अब तक परवान नहीं चढ़ा।

आदेश चौहान ने कहा, जसपुर में टेक्सटाइल पार्क में केवल एक फैक्ट्री आई। कहा, अगर बिजली सही मिलती तो कंपनियां और आती। गर्मी में पानी की कमी में बिजली नहीं, बरसात में सिल्ट और सर्दी में बर्फबारी से पानी कम होने से बिजली उत्पादन घट जाता है। सरकार कोई स्थायी समाधान करे। जसपुर में केबल बदलने को 72 करोड़ आए, लेकिन सब बेकार हुआ।

सुमित ह्रदयेश ने कहा, 2012 से 2017 तक कांग्रेस की सरकार में मेरी मां वित्त मंत्री थी, उन्होंने घोषणा की थी कि यहां हल्द्वानी में कटौती नहीं होगी, लेकिन अब हल्द्वानी में छह से सात घंटे बिजली गुल होना मामूली बात हो गई है। अक्टूबर से राज्य में 300 से 400 मेगावाट की कमी की संभावना है। बीपीएल परिवार पर 14 पैसे प्रति यूनिट का फ्यूल चार्ज लग रहा है। ममता राकेश ने आरोप लगाया कि
बिजली की वजह से आज सहारनपुर जाने के बहाने ढूंढते हैं।

आरोप लगाया कि अधिकारी को फोन करो, लेकिन समाधान नहीं होता। किसान परेशान हैं। छोटी सी हवा में सबसे नाजुक बिजली हो गई। त्योहार पर कई कई घंटे बिजली नहीं आती। किसानों को गलत बिल दिए जाते हैं। मीटर रीडिंग, मीटर की खराबी ठीक न होने से लोग परेशान हैं।

अनुपमा रावत ने कहा, आठ से 12 घंटे अघोषित बिजली कटौती से सभी वर्ग परेशान है। जिला स्तर पर अधिकारी कहते हैं कि ऊपर से कटौती हो रही है। सवाल है कि ऊपर वाला कौन है। हरिद्वार ग्रामीण क्षेत्र में छह गांव पांच दिन तक अंधेरे में डूबे रहे। पानी भी नहीं मिला।

नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा, ऊर्जा प्रदेश बनाने के लिए दृढ़ इच्छाशक्ति की जरूरत है। बीजेपी में काम करने की क्षमता, विजन नहीं है। कटौती नहीं हो रही, अघोषित कटौती की जा रही है। कई कई लाख बिजली के बिल आ रहे हैं। जल विद्युत निगम 1500 मेगावाट का उत्पादन कर रहा है। कहा, नई परियोजना नहीं बनेगी तो बाजार से बिजली खरीदनी ही पड़ेगी। आरोप लगाया कि 35 फीसदी बिजली बाजार से महंगी सरकार खरीद रही है।

सदस्यों के बिजली मुद्दे के सवालों का जवाब देते हुए वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा, पूरे प्रदेश में बिजली की मांग में अप्रत्याशित बढ़ोतरी हुई है। पांच साल में 3 फीसदी थी, जो अब बढ़कर 6.18 फीसदी तक बढ़ गई है। कहा, मांग और उपलब्धता में औसत छह मिलियन यूनिट का अंतर है।

उन्होंने कहा, अपरिहार्य स्थिति में ही अघोषित कटौती होती है। कहा, देहरादून, हरिद्वार, मसूरी और नौ अन्य शहरों में कोई कटौती नहीं की जा रही है। सरकार के प्रयास से 400 मेगावाट अतिरिक्त आपूर्ति को कहा गया है, जिसे केंद्र ने सैद्धान्तिक सहमति दे दी है।

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