लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी में 30वें संयुक्त नागरिक-सैन्य कार्यक्रम को कर रहे थे संबोधित
बेबाक दुनिया ब्यूरो
देहरादून। राष्ट्रीय सुरक्षा को और मजबूत करने और भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए नागरिक प्रशासन एवं सशस्त्र बलों का समन्वय जरूरी है।
उपरोक्त बात उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने पहाड़ों की रानी मसूरी में स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी में 30वें संयुक्त नागरिक-सैन्य प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए कही। कहा, हमें हर स्तर पर संयुक्तता और समन्वय को बढ़ावा देना चाहिए। कहा, एकजुटता और एकता हमारे सबसे बड़े संसाधन हैं। हमें समन्वय और सहयोग के कई आयामों संग नागरिक-सैन्य सहयोग के सुसंगठित संस्थागत ढांचे को मजबूत बनाना होगा।





राज्यपाल ने कहा, यदि देश का हर एक नागरिक आंतरिक और बाह्य सुरक्षा के प्रति जागरूक होकर अपने कर्तव्यों का पालन करें तो राष्ट्र का भविष्य स्वर्णिम होगा। कहा, राष्ट्रीय सुरक्षा प्रबंधन के लिए सिविल सेवा और सशस्त्र बलों के साथ चिंतन राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण मंच है। इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम हमारी एकता और संयुक्तता की भावना को राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ एक सर्वव्यापी तत्व के रूप में जोड़ते हैं।
कहा, राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे बेहद महत्वपूर्ण विषय के लिए सशस्त्र बलों की ही जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि हर देशवासी का कर्तव्य है कि हम इसके लिए प्रतिबद्ध रहें। कहा, देश के प्रत्येक नागरिक के अंदर राष्ट्र प्रथम की भावना होना जरूरी है। कहा, देश का प्रत्येक नागरिक अपने आप में एक सैनिक है। प्रतिभागियों से कहा, राष्ट्रहित और जनहित में कठोर निर्णय लेते हुए हिचकिचाना नहीं चाहिए। कहा, सुरक्षा के लिए हमें तकनीकी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करना जरूरी है।
कहा, यह समय सोच, विचार और धारणा को बदलने का समय है। हमनें अब राष्ट्रीय सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए समग्र दृष्टिकोण अपनाया है। आज भारत सभी चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार है। उन्होंने आशा जताई कि अकादमी में संयुक्त नागरिक-सैन्य प्रशिक्षण जैसे कार्यक्रम नागरिक-सैन्य एकीकरण की यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। राज्यपाल ने प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न क्रियाकलापों में सर्वश्रेष्ठ प्रतिभागियों को भी पुरस्कृत किया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में देशभर की 26 कई सेवाओं और संस्थाओं के 57 वरिष्ठ अफसरों ने हिस्सा लिया, जिनमें सात महिला अधिकारी भी शामिल रहीं। इस मौके पर अकादमी के निदेशक श्रीराम तरणिकांति, संयुक्त निदेशक सौजन्या, कोर्स समन्वयक डॉ. अनुपम तलवार सहित प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे।
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